काबुल। अफगानिस्तान की धरती पर तालिबान के कबिज हो जाने बाद दुनिया को सबसे ज्यादा चिंता वहां रह रहीं महिलाओं और लड़कियों की हो रही है। हालात यहां इस कदर गंभीर हैं कि इसका अंदाजा इस बात से लगता है कि अफगानी अपनी बेटियों को यहां से दूर भेजने के लिए उनका निकाह काबुल एयरपोर्ट के बाहर ही आनन-फानन कराने पर मजबूर हैं। बस कारण यह है कि कहीं उनकी बेटियां भी तालिबानी लड़ाकों की शिकार न हो जाएं। अमरीकी फॉरेन मिनिस्ट्री ने होम और डिफेंस मिनिस्ट्री को इस हकीकत की जानकारी देकर अलर्ट किया है। मामले की तहकीकात भी की जा रही है।
मीडिया ने अमरीकी अफसरानों से बातचीत कर इसका खुलासा किया है। ताजा रिपोर्ट कहती है कि, यह सीधे तौर पर ह्यूमन ट्रैफिकिंग, मतलब मानव तस्करी का केस है। यह मसला अलग है कि अफगान मात-पिता या उनकी बेटियों का ऐसा करना मजबूरी और तालिबानी जुल्म के कारण है।
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रिपोर्ट के अनुसार कुछ मसले तो और भी चौंका देने वाले हैं। इनमें बेटियों के पैरेंट्स या फेमली मेम्बर्स ने एयरपोर्ट के बाहर ऐसे आदमी या लड़के को खोज रहे थे जिनके पास देश छोडऩे के सरकारी कागजात थे। बेटियों के मात-पिता ने इन लोगों को तगड़ी रकम भी दी है ताकि वह उनकी बेटियों से शादी कर लें और उसको लेकर यहां से निकल जाएं। हालंकि ऐसे मामले सामने भी आ गये हे जिसमें लड़कों ने रकम लेकर लड़कियों को अपनी बीवी करार दिया और अफगानिस्तान से बाहर निकल गये।
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असल में अफगानिस्तान से निकल भागे ज्यादातर लोग अमरीका ने दूसरी अन्य कंट्रीज के रिफ्यूजी कैम्प्स में हंै। कानूनी कार्रवाई के बाद इन्हें दूसरे मुल्कों या फिर अमरीका में ही रखा जाना है। नियमों में है कि, इन्हें रिफ्यूजी या नागरिक का दर्जा दिया मिल जाएगा।

