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अजीत सिंह के हत्यारोपी कुंटू सिंह पर कसा प्रशासन का शिकंजा


अजीत सिंह के हत्यारोपी कुंटू सिंह पर कसा प्रशासन का शिकंजा

आजमगढ़ जिला प्रशासन ने कुंटू सिंह की तीन मंजिला इमारत गिराई
कुंटू पर आजमगढ़, मऊ, जौनपुर में गम्भीर धाराओं में दर्ज हैं 67 मुकदमे

आजमगढ़। बुधवार रात को लखनऊ के विभूतिखंड में कठौता पुलिस चैकी के सामने सरेराह हुई गैंगवार में मऊ के पूर्व ब्लाॅक प्रमुख अजीत सिंह की मौत हो गयी। वहीं अजीत सिंह के साथी मोहर सिंह और वहां से गुजर रहा एक डिलीवरी ब्वाॅय आकाश गोली लगने से घायल हो गया। अजीत सिंह, बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का करीबी था और आजमगढ़ के पूर्व विधायक सर्वेश सीपू सिंह की हत्या में गवाह भी था। घायल मोहर सिंह की तहरीर पर कुंटू सिंह, अखंड सिंह और गिरधारी विश्वकर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल अखंड और कुंटू दोनों जेल में है।

इस हत्याकांड में आजमगढ़ के माफिया कुंटू सिंह का नाम सामने आने के बाद आज आजमगढ़ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई कर डाली। कुंटू पर आजमगढ़, मऊ, जौनपुर में गम्भीर धाराओं में 67 मुकदमे दर्ज हैं। आज आजमगढ़ जिला प्रशासन ने माफिया कुंटू सिंह के मकान और कटरे पर ध्चस्तीकरण की कार्रवाई कर डाली। कुंटू सिंह की तीन मंजिला इमारत गिराने के लिए डीएम एसपी भी भारी फोर्स के साथ जीयनपुर पहुंचे। देखते ही देखतीे प्रशासन की जेसीबी ने तीन मंजिला इमारत को जमींदोज करना शुरू कर दिया।

जानकारों का कहना है कि किसी जमाने में अजीत सिंह और कुंटू सिंह गहरे दोस्त थे। मगर संपत्ति के बंटवारे में दोनों के बीच हुआ मतभेद जानी दुश्मनी तक जा पहुंची। आजमगढ़ के सगड़ी के तत्कालीन विधायक सर्वेश सिंह सीपू की हत्या के मामले में कुंटू सिंह का नाम आया था। हत्या की साजिश रचे जाने की मुखबिरी करने में अजीत सिंह का नाम आने के बाद कुंटू सिंह अजीत को अपने राह का सबसे बड़ा रोड़ा मानने लगा था।

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