- हिंसा के बाद सुमित जायसवाल हो गया था अंडरग्राउंड
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के बाद फरार आरोपी सुमित जायसवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सुमित को लखीमपुर खीरी हिंसा में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा का करीबी बताया जाता है। बताया जाता है कि तिकुनिया में किसानों को कुचलने वाली कार में सुमित जायसवाल भी सवार था और वह मौके से भाग खड़ा हुआ था। इसलिये पुलिस उसकी तलाश कर रही थी लेकिन वह हिंसा के दिन से ही अंडरग्राउंड हो गया था।
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लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर को एक थार जीप ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को कुचल दिया था। गाड़ी के नीचे आकर चार किसानों की मौत हो गयी थी। इसके बाद गुस्साए किसानों ने ड्राइवर और भाजपा कार्यकर्ताओं को पीट-पीट कर मार डाला था। लखीमपुर खीरी हिंसा में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा सहित 15 लोगों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश रचने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में पुलिस को मिले एक वीडियो में किसानों को कुचलने वाली थार जीप में से सुमित जायसवाल को भागते देखा गया था। सुमित जायसवाल ने किसानों के खिलाफ ड्राइवर, दोस्त और दो भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमें में पुलिस ने किसानों के बयान भी लिये हैं। पुलिस ने सुमित जायसवाल के साथ नंदन, शिशुपाल और सत्यप्रकाश को भी गिरफ्तार किया है।
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वहीं लखीमपुर खीरी हिंसा में पुलिस केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा, पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के भतीजे अंकित दास उसके गनर लतीफ, शेखर और आशीष पांडेय समेत 10 आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। सुमित जायसवाल जो इस मामले में चश्मदीद गवाह है पुलिस उससे घटना और हिंसा के दौरान घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बारे में जानकारी हासिल करेगी। माना जा रहा है कि इस हिंसा में अहम गवाह सुमित जायसवाल नये खुलासे कर सकता है।

