Gujarat Chunavi Dangal: गुजरात मे इस साल के अंत मे विधानसभा चुनाव होने को है। आम आदमी पार्टी लगातार गुजरात की जनता को अपनी ओर आकर्षित करने की कवायद में लगी हुई है। कल आप प्रमुख ने गुजरात में चौथा दौरा किया और गुजरात की जनता को अपना कार्यकारी मॉडल बताते हुए अपने ओर करने की कोशिश की। कल अरविंद केजरीवाल ने अपनी तिरंगा यात्रा उस मेहसाणा से निकाली जिसे गुजरात की राजनीति का मुख्य द्वार कहा जाता है और भाजपा ने इसी द्वार से गुजरात की राजनीति में प्रवेश किया था। आप प्रमुख की इस तिरंगा रैली के अब सियासी गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं।
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अरविंद केजरीवाल की इस रैली पर राजनीतिक गलियारों में हलचल होना स्वाभाविक है क्योंकि मेहसाणा वह जगह है जहाँ से भाजपा के बड़े नेता या तुरुप का इक्के का सम्बंध है। यहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आनंदी बेन पटेल का पुराना रिश्ता है। यह इनका गढ़ क्षेत्र माना जाता है और गुजरात की राजनीति में यह अहम भूमिका भी निभाता है। वही अब दिल्ली के मुख्यमंत्री मेहसाणा के वोट बैंक के जरिए दिल्ली और पंजाब की भांति गुजरात मे अपनी पार्टी का वर्चस्व स्थापित करना चाहते हैं और भाजपा के विजय के ताज को उतार कर खुद धारण करना चाहते हैं।
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जानकारी के लिए बता दें मेहसाणा वह सींट है जहां 1984 में जब भाजपा की नींव पड़ी और इंदिरा गांधी की मौत के बाद पूरे भारत मे कांग्रेस की लहर थी तब भी भाजपा ने यहां से जीत हासिल कर राजनीतिक गलियारों में कदम रखा था। मेहसाणा की इस सींट पर उस समय भाजपा की ओर से मैदान में उतरे एके पाटिल ने जीत हासिल की थी। इस जीत के साथ बीजेपी अपना वर्चस्व गुजरात मे बनाती चली गई और गुजरात की जनता ने जीत से भाजपा की झोली भर दीं। वही अब गुजरात मे अपने राजनीतिक पाव पसारने के लिए केजरीवाल ने यही जिला टारगेट किया है और भाजपा की ओल्ड नीति का सहारा लेकर वह गुजरात मे अपनी जीत का मंत्र फूंकना चाह रही है।
