Gujarat Chunavi Dangal – गुजरात मे इस साल के अंत मे विधानसभा चुनाव होने को है। पक्ष और विपक्ष में सियासी उठापटक जारी है। जहां पिछले 30 सालों से गुजरात की सत्ता भाजपा के हाँथ में है वही इस बार आप और कांग्रेस दोनो भाजपा के इस विजय चक्रव्यूह को तोड़ने की योजना बना चुके हैं। दोनो का उद्देश्य गुजरात मे सम्मान है कि वह ऐसा कौन सा दाव खेले की गुजरात मे परिवर्तन का बिगुल बजे और भाजपा के हाँथ से गुजरात की बागडोर चली जाए। अभी इसी पथ पर आगे बढ़ते हुए आप ने गुजरात मे दिल्ली वाले पत्ते फेकने की योजना बनाई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गुजरात चुनाव के पूर्व या नतीजे आने के बाद आप और कांगेस एक होकर भाजपा की रीढ़ तोड़ सकते हैं और गुजरात मे भाजपा की जीत का जो रिकॉर्ड नष्ट कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है भाजपा को हराने के लिए दोनो दलों की हाई कामान विचार कर रही है। इन दोनों दलों के मध्य गठबंधन सिर्फ सींटो के बंटवारे को लेकर रुका हुआ है। अब अगर दोनो दलों के बीच आपसी सहमति बनी तो यह दिल्ली की तर्ज पर साथ मे गुजरात रण में उतरेंगे और सरकार बनाने का लक्ष्य भेदेगे।
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कहाँ फसी है बात
सूत्रों का कहना है की दोनो दलों के मध्य सींट बटवारे को लेकर पेंच फसा है। आम आदमी पार्टी निकाय चुनावों के प्रदर्शन के बूते बड़ी पार्टी के रूप में आगे रहने का प्रस्ताव रख रही है जबकि कांग्रेस विपक्ष के अपने दावे को कमजोर नहीं करना चाहती क्योंकि गुजरात मे हुए 2017 के चुनाव में कांग्रेस एक बड़े दल के रूप में उभरी थी और कांग्रेस का गुजरात में एक बड़ा वोट बैंक है। सूत्रों का कहना है की गुजरात मे आम आदमी पार्टी 110 सीटें मांग रही है जबकि कांग्रेस इतने पर मंजूरी नहीं दिखा रही है। कांग्रेस का कहना है सींट बटवारा बराबरी से होना चाहिए।
जानकारी के लिए बता दें आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का साथ आना कोई नई बात नहीं है इससे पहले वर्ष 2013 में दिल्ली में शीला दीक्षित को मात देने के लिए आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन हुआ था और दोनो ने साथ मिलकर दिल्ली की सत्ता हासिल की थी। अब खबर है कि गुजरात में भी इस प्रयोग को दोहराया जा सकता है।
