बाजार:- आज के समय मे लखपती बनने का सपना हर कोई देखता है लेकिन जब यह सपना बिना आपकी चाहत के पूरा हो जाए तो कहना ही क्या है। असल मे खबर है पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर की जहाँ एक मछली ने एक मछुआरे के दिन बदल दिए। क्योंकि कबीर नाम के इस मछुआरे ने तेलिया भोला नामक एक विशालकाय मछली पकड़ी। इस मछली का वजन 55 किलो था जो दीघा में 13 लाख रुपये की बिकी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मछली को एक विदेशी फार्म ने खरीदा है। यह मछली जीवनरक्षक दवाई बनाने के लिए उपयोग की जाती है। जिस कारण इसकी कीमत इतनी अधिक है। यह मछलियां वैसे तो समुद्र की गहराई में पाई जाती है। लेकिन कई बार यह तटीय क्षेत्र में आ जाती है और मछुआरों के हाँथ लग जाती है। जिस मछली को कबीर नाम के मछुआरे ने पकड़ा वह गर्भवती थी और उसके पेट मे जो अंडे थे उनका वजन 5 किलोग्राम था।
लोगो का कहना है कि जब कबीर ने इस मछली को पकड़ा तो भारी संख्या में भीड़ इसे देखने के लिए उमड़ी। यह एक ऐसी मछली है जिसमे नर व मादा दोनो के गुण पाए जाते हैं। इसे लोग संकर प्रजाति की मछली कहते हैं। दीघा में इस मछली की खरीद को लेकर 3 घण्टे तक बोली लगी और बाद में इसे एक फार्म कम्पनी ने 13 लाख रुपये में खरीद लिया। अगर हम मछुआरों द्वारा इस साल पकड़ी गई तेलिया मछलियों की बात करें तो इस साल जनवरी में मछुआरों के जाल में 121 तेलिया भोला मछलियां फंसी थी. लेकिन में से प्रत्येक का वजन 18 किलो ही था।
जाने क्यों है इतनीं कीमती:-
तेलिया भोला मछलियां के महंगे होने का सबसे मूल कारण इनका पेट होता है। इनके पेट मे कई ऐसे उपयोगी तत्व पाए जाते हैं जो दवा निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। क्योंकि इनके पेट मे वसा की मात्रा अधिक होती है जो जीवनरक्षक दवाइयों को बनाने में उपयोगी होती है। इस मछली की विदेशी बाजारों में भारी मांग है. इसका रंग गोल्डन होता हैं।
