देहरादून। उत्तराखंड के आसमान पर एक अदभुद नजारा लोगों को देखने को मिला। इस खगोलीय घटना को लोगों ने अपने मोबाइल में कैद किया और उसको सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। ये अदभुद खगोलीय घटना सूरज के चारों तरफ बने सतरंगी वलय के कारण लोगों के लिए कोतुहल का केंद्र रही। आसमान में दोपहर सूरज के चारों ओर बने इस गोलाकार वलय के अद्भुत नजारे को देखने के लिए लोग अपनी छत पर चढ़ गए। लोग आसमान की तरफ हैरान होकर देखते रहे। सूरज के चारों तरफ बने इस सतरंगी छल्ले पर सबकी नजर पड़ रही थी। लोगों ने इस अदभुद घटना को अपनेे मोबाइल पर कैद कर सोशल मीडिया में शेयर कर दी। खगोलविद की माने तो ऐसी घटना जून से लेकर जुलाई के महीने तक आसमान में दिखना आम बात है। डा0 कंचन सिंह खगोलविद ने बताया कि इसको वैज्ञानिक भाषा में ‘सन हालो’ बोला जाता है। सूर्य के चारों ओर बनने वाले सतरंगी छल्ले को सन हालो कहते हैं। हालो प्रकाश के कारण उत्पन्न ऑप्टिकल घटना है। उन्होंने बताया कि ये एक आम खगोलीय प्रक्रिया है। ऐसा तब होता है, जब सूरज धरती से 22 डिग्री एंगल पर पहुंच जाता है तो आसमान में नमी की वजह से ऐसा घेरा बन जाता है।

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उन्होंने बताया कि गत वर्ष मई में बंगलूरू में भी ऐसा नजारा देखा गया था। इसी तरह का नजारा पिछले साल दो जून 2021 में हैदराबाद में दिखाई दिया था। यह खास दृश्य देखने को उस समय मिला जब दोपहर को सूर्य के चारों ओर एक चमकीला हेलो दिखाई दिया। जब सूरज धरती से 22 डिग्री एंगल पर होता है तब आसमान में पतली परत वाले बादलों के कारण यह करिश्माई छल्ला बनता है। सन हालो केंद्र में सूर्य के साथ आदर्श वलय की खगोलीय घटना है। सूरज की किरण आसमान की नमी से टकराती है तो रोशनी के कारण चारों ओर ये वलय दिखाई देता है। कई बार ये रात में चांद की रोशनी से हालो बनता है।

