Gujarat Chunavi Dangal: गुजरात तो सिर्फ बहाना है केजरीवाल का केंद्र पर निशाना है

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Gujarat Chunavi Dangal – पंजाब विजय के बाद अरविंद केजरीवाल गुजरात जीतने के लिए निकल चुके हैं। अरविंद केजरीवाल गुजरात सिर्फ जीत के मकसद से नहीं गए हैं बल्कि इसके पीछे कई और कारण भी है।  लेकिन इसका सबसे अहम कारण 2024 में होने वाला लोकसभा का चुनाव है। कहते हैं कि केंद्र में किसकी सत्ता आएगी इसका निर्धारण गुजरात और उत्तरप्रदेश ही करते हैं। उत्तरप्रदेश को दिल्ली का दिल कहा जाता है तो गुजरात उसकी सांसे है। वही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस बार केंद्र में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से गुजरात फतेह करना चाहते हैं और भाजपा सरकार को तोड़ने की रणनीति बना रहे हैं। 

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अरविंद केजरीवाल में गुजरात मे अपना विकास का मॉडल लॉन्च कर दिया है और उनके कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर जनता से जुड़के उन्हें अपनी ओर कर रहे हैं। केजरीवाल का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस एक ही पार्टी है और दोनो की मंशा जनता का हित नहीं बल्कि अपना व्यक्तिगत स्वार्थ है। यह दोनो दल सत्ता के भूखे है और इनके नेतृत्व में देश का विकास स्थिर हुआ है। 

कांग्रेस जहाँ सत्ता में रहते हुए सिर्फ अपने लाभ को देखती रही वही भाजपा ने सत्ता में रखते हुए अपने अरबपति मित्रों का लाभ देखा है। भाजपा की नीतियों से उनके अरबपति मित्रों के हित की खुशबू आती है। लेकिन केजरीवाल सरकार विकास पर काम करती है आज दिल्ली बदल गई है और पंजाब में जनता ने भगवत मान पर विश्वास जताया है वही अब गुजरात मे परिवर्तन का आगाज होगा और गुजरात की जनता झूठ और फरेब को छोड़कर ईमानदारी का साथ देगी।

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वही अगर हम भाजपा की बात करे तो वह पिछले 30 साल से गुजरात की बागडोर संभाले हुए हैं और गुजरात की जनता का भाजपा पर अटुट विश्वास है। अब ऐसे में केजरीवाल को अपना उद्देश्य पूरा करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है और बीजेपी का विजय चक्र तोड़ने के लिए कोई धमाकेदार रणनीति के साथ गुजरात मे अपना प्रदर्शन करना चाहिए। हालाकि अभी गुजरात आप मे आंतरिक कलह मची हुई है जो आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी समस्या बन सकती है और अगर आप संयोजक ने अपने नेताओं को सन्तुष्ट नहीं किया तो उनका खेल बिगड़ सकता है।

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