Gujarat chunavi dangal:- चिंतन शिविर: एक ही पटरी पर दौडी भाजपा और कांग्रेस की गाड़ी

गुजरात चुनावGujarat chunavi dangal:- चिंतन शिविर: एक ही पटरी पर दौडी भाजपा और कांग्रेस...

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Gujarat chunavi dangal;- एक ओर गुजरात मे होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी उफान पर है वही दूसरी ओर पक्ष और प्रतिपक्ष आमने सामने है दोनो ही मैदान में जनता को लुभाने के लिए उतर चुके हैं। वही गुजरात मे मुख्य दल भाजपा और कांग्रेस चिंतन शिविर के माध्यम से अपनी पार्टी की रणनीति उम्दा करने में जुटे हुए हैं। जहां आज कांग्रेस के चिंतन शिविर का आखिरी दिन है वही आज से भाजपा का चिंतन शिविर शुरू हुआ है। 

भाजपा और कांग्रेस के चिंतन शिविर में यह है समानता:-

अगर हम बात इन दोनों दलों के चिंतन शिविर की करें तो इनमें एक समानता यह दिखाई दे रही है कि यह दोनो पार्टी की समीक्षा के उद्देश्य से चिंतित शिविर कर रहे हैं और एक दूसरे को मात देने की बेहतर योजना के साथ मैदान में उतरना चाहते हैं। अगर हम आज शुरू हुए भाजपा के चिंतन शिविर की बात करें तो वह कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे मुद्दे पर चर्चा करेगी और हार्दिक की भाजपा में एंट्री को लेकर मंथन होगा। वही कांग्रेस अपने चिंतन शिविर में भाजपा की हिंदुत्व की राजनीति पर विजय पाने की योजना बना रही है और हिंदुत्व की राजनीति को विफल करने के लिए हर नेता और पार्टी के वरिष्ठ जन से सलाह मशविरा कर रही है।

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गुजरात मे भाजपा के हिन्दुत्व कार्ड को कैसे विफल करेगी कांग्रेस:- 

अगर हम भाजपा के हिंदुत्व कार्ड की बात करें तो आज वह उनका सबके बड़ा कार्ड है जिसे विफल करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। भाजपा अपने हिंदुत्व के कार्ड को हर विधानसभा चुनाव से पूर्व इस्तेमाल कर जनता को अपने खेमे में करने की फिराक में रहती है और इसकी यह योजना सफल भी होती है। लेकिन कांग्रेस इस बार भाजपा के इस हिंदुत्व कार्ड को फेल करना चाहती है।

कांग्रेस ने कहा है कि वह समावेशी एजेंडे पर काम करेगी और चुनावी दंगल में भाजपा को मात देगी। कांग्रेस का कहना है कि उत्तरप्रदेश के कर्तकर्ताओ ने बताया है कि पार्टी को धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेना चाहिए और जनता से सीधा संपर्क साधना चाहिए। वही कुछ अन्य नेताओं ने कहा है राहुल गांधी ने इस नीति पर काम किया है लेकिन मंदिर मंदिर जाने से पार्टी को कोई विशेष लाभ नहीं हुआ है। ऐसे में पार्टी को भाजपा की नीतियों पर वार करना होगा धर्म निरपेक्षता के रास्ते पर चलता रहना होगा।

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