Gujarat chunavi dangal:- गुजरात मे होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अब सियासी चक्रव्यूह रचा जाने लगा है। हर दल जनता को भेदने के लिए एक्टिव हो गया है। कांग्रेस की ओर से राहुल लगातार गुजरात की जनता को साधने में लग गए हैं। वही आप प्रमुख केजरीवाल इस बार गुजरात मे अपना जादू चलना चाहते हैं। वही गुजरात मे कुछ ऐसे विषय है जो अरविंद केजरीवाल का हौसला बढ़ाए हुए हैं और केजरीवाल गुजरात का लगातार दौरा कर रहे हैं।
असल मे आप प्रमुख केजरीवाल को अब गुजरात से यह उम्मीद है कि यहां वह पंजाब की तरह ब्लास्ट कर सकते हैं और सभी दलों को मात देते हुए आगे निकल सकते हैं। केजरीवाल ने गुजरात मे अपनी जीत का सपना इस बात को ध्यान में रखते हुए देखा है कि अभी हाल ही में सूरत में हुए नगर निगम के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 27 सीटें जीती जबकि कांग्रेस इस चुनाव में अपना खाता तक नहीं खोल सकी थी लेकिन बीजेपी ने यहां 93 सीटें जीतकर अपनी पार्टी का मेयर बनाया। इस चुनाव में आप को जीत भले न मिली हो लेकिन उसके खेमे में 27 सींटो का आना और कांग्रेस को एक भी सींट न मिलना गुजरात की राजनीति में बड़ा परिवर्तन था और इस परिवर्तन ने अरविंद केजरीवाल केजरीवाल का हौसला बुलंद कर दिया।
इसके अलावा इस चुनाव में केजरीवाल सौराष्ट्र के वोट बैंक पर नजर गढ़ाए हुए हैं उन्हें यह मालूम है कि यहां का पाटीदार समाज भाजपा से नाराज से तो अगर वह इसे अपने खेमे में कर ले गए तो उनका गुजरात विजय का सपना आसान हो जाएगा और वह 2022 गुजरात मे अपनी जीत का ध्वज गाढ़ देंगे। इसके अलावा अगर हम गुजरात के आदिवासी वोट बैंक की बात करें तो यह गुजरात चुनाव का सबसे बड़ा वोट बैंक माना जाता है जो यह निर्धारित करता है कि गुजरात का किंग कौन बनेगा।
वही आदिवासी समुदाय के वोटों को साधने के लिए अरविंद केजरीवाल ने गुजरात में बड़ा दांव खेला है और भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के साथ गठबंधन कर लिया है। AAP और बीटीपी गठबंधन से केजरीवाल की पार्टी को अपनी उम्मीद बढ़ गई है और इन्हें गाँव के इलाकों में अपना दबदबा बनाने का मौका मिल गया है।

