कींव। रूस-यूक्रेन युद्ध छठे माह में प्रवेश कर गया है। इसी बीच यूक्रेनी सेना ने कहा कि उसने रूसी सेना के करीब 50 गोला-बारूद डिपो नष्ट किया है। उसने कहा, यह कार्रवाई अमेरिका से मिली हिमारस रॉकेट प्रणाली का उपयोग करते हुए की गई। अमेरिका ने जून माह में ही यूक्रेन को ये हथियार दिए थे। यूक्रेन के रक्षामंत्री ओलेक्सी रेजनिकोव ने कहा कि अमेरिका से आए उच्च गतिशीलता वाले आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम एचआईएमएआरएस यानी हिमारस ने बेहतर प्रदर्शन किया और रूस को बचाव का कोई मौका नहीं दिया।
हालांकि यूक्रेन के रक्षामंत्री के इस बयान पर रूस की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है। रक्षामंत्री जनिकोव ने कहा कि यूक्रेनी तोपखाने ने कई पुलों पर सटीक हमले किए है। स्थानीय कब्जे वाले अधिकारियों का कहना है कि पिछले हफ्ते हिमारस ने खेरसॉन क्षेत्र में नदी के पास हमले किए थे। इस बीच यूक्रेन ने एक वीडियो जारी किया। जिसमें रूसी एंटी-एयर डिफेंस एस-300 की बैटरी नष्ट करने का दावा किया है। वीडियो में कई जले हुए मलबे दिखाई दे रहे हैं। यूक्रेनी सेना ने अपनी फेसबुक पोस्ट में दावा किया है कि यह सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली की बैटरी थी। इस लंबे युद्ध में रूसी सेना अब अपनी सतह से हवा में मार करने वाली एस-300 मिसाइलों का उपयोग यूक्रेन के जमीनी ठिकानों पर कर रही है। सोवियत जमाने की एस-300 मिसाइल को सबसे पहले 1979 में तैनात किया गया था। इन मिसाइलों को सोवियत वायु रक्षा बलों के हवाई हमले से बचाव और क्रूज मिसाइलों से निपटने के लिए बनाया गया था। जबकि अमेरिकी मदद से यूक्रेन इनको नष्ट कर रहा है।

