काबुल। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शिया समुदाय की मोहर्रम की एक शोकसभा के दौरान वाहन विस्फोट से 8 लोगों की मौके पर मौत हो गई। जबकि 18 घायल हो गए हैं। धमाका काबुल के सरकारिज क्षेत्र की एक मस्जिद के पास हुआ। इस धमाके की जिम्मेदारी भी आईएस ने ली है। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि मोहर्रम के लिए यहां कई लोग एकत्र हुए थे। इसी दौरान वाहन में दो धमाके हुए हैं। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि विस्फोटक उपकरण वाहन में रखे गए थे। जिसकी जिम्मेदारी आईएस ने ली है। हमलावरों का इरादा ही शिया हजारा समुदाय के लोगों को निशाना बनाने का था।
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पहला धमाका इमाम मोहम्मद बाकेर इलाके में हुआ जो काबुल के सरएकरीज क्षेत्र में स्थित जनाना मस्जिद है। जबकि दूसरा धमाका जिस इलाके में हुआ वह रिहाइशी इलाका है। आईएस ने अपने बयान में 20 लोगों के मरने और घायल होने की बात स्वीकारी है। जहां पर विस्फोट किए गए हैं वो क्षेत्र काबुल के भीड़भाड़ वाले इलाके हैं। अफगानिस्तान में शिया हजारा समुदाय पिछले कई साल से उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। इससे पहले भी अफगानिस्तान में तालिबान शासन ने दर्जनों शिया मस्जिदों में ईद की नमाज अदा करने पर रोक लगाई थी। अफगानिस्तान में शियाओं पर हाल में लगातार कई हमले हुए हैं। शिया मुस्लिम अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक के रूप में रह रहे हैं। आईएस से जुड़े आतंकी गुट ने 2014 से अफगानिस्तान में सक्रियता दिखाई है। ये गुट देश की सुरक्षा के लिए चुनौती बना हुआ है। आईएस अब अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के लिए भी चुनौती बन रहा है। आईएस गुट अफगानिस्तान में जहां चाह रहा है बम विस्फोट कर रहा है। तालिबानी सेना और पुलिस लाख कोशिशों के बाद भी हमलावरों को अभी तक पकड़ नहीं सकें है।

