वाशिंगटन। 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए एक हमले ने पूरी दुनिया पर असर डाला था। इस दिन अमेरिका के डब्ल्यूटीओ पर आत्मघाती विमानों से हमला कर उनको उड़ा दिया गया था। जिसमें तीन हजार अमेरिकी नागरिको सहित विदेशी भी मारे गए थे। आज का दिन याद कर हर अमेरिकावासी के रोगटे खडे़ हो जाते हैं। लेकिन हमले के इतने सालों बाद आज तक आरोपी को दंड नहीं मिलने सेे अमेरिकावासियों में रोष है। अमेरिका ने 11 सितंबर 2001 के दोषी अलकायदा आतंकी खालिद शेख मोहम्मद को पाकिस्तान के रावलपिंडी प्रांत से मार्च 2003 में गिरफ्तार किया था। यह 9/11 हमलों के साजिशकर्ताओं के खिलाफ अमेरिका की बड़ी जीत थी। लेकिन 21 साल की कोशिश के बावजूद भी अमेरिका उसे न्याय के दायरे में अब तक नहीं ला सका। बता दें कि खालिद मोहम्मद अलकायदा का बड़ा आतंकी सरगना है और इस हमले में करीब तीन हजार लोग मारे गए थे।
आतंकी हमलों को 21 वर्ष पूरे होने के बाद मोहम्मद और इन हमलों के चार अन्य आरोपी ग्वांतानामो बे की जेल में बंद हैं। उनकी नियोजित सुनवाई एक सैन्य न्यायाधिकरण के समक्ष हर बार स्थगित हो रही है। इस संबंध में ताजा झटका उस समय लगा। जब न्यायिक सुनवाई से पहले होने वाली सुनवाई गत माह रद्द की गई थी। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 9/11 हमले में 25 वर्षीय बेटी एंड्रिया को खोने वाले गॉर्डन हाबरमैन का कहना है कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या होने वाला है। वह निजी रूप से कार्रवाई देखने अपने विस्कॉन्सिन स्थित घर से ग्वांतानामो चार बार जा चुके हैं लेकिन हर बार निराश होकर लौटे हैं। बेटी को खोने वाले हाबरमैन ने कहा कि मेरे लिए यह महत्वपूर्ण है कि अमेरिका को अंततः सच्चाई पता चले कि आखिर क्या हुआ था और यह कैसे किया गया। वो निजी रूप से यह सुनवाई देखना चाहते हैं। यदि मोहम्मद को दोषी करार दिया जाता है तो उसे मृत्युदंड मिल सकता है। लेकिन अभी तक सुनवाई ही नहीं शुरू हुई तो मृत्युदंड का कोई सवाल नहीं उठता है।

