समरकंद। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए उजबेकिस्तान के समरकंद पहुंच गए हैं। वे आज शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसी के साथ एससीओ के शिखर सम्मेलन से अलग रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे। भारत प्रधानमंत्री और रूसी राष्ट्रपति की इस मुलाकात पर सबकी निगाहें हैं। उजबेकिस्तान के समरकंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, उज़्बेकिस्तान राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव व अन्य नेता बैठक स्थल पर पहुंच चुके हैं। जहां पहुंचकर सभी नेताओं ने एक ग्रुप फोटो खिंचवाई। थोड़ी देर में सभी नेता बैठक में हिस्सा लेने के लिए कार्यक्रम स्थल पर पहुंच जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के लिए बैठक स्थल पर पहुंचे तो इस दौरान उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने उनका जोरदार स्वागत किया।
बताया जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात नहीं करेंगे। माना जा रहा था कि पहले दोनों नेताओं की मुलाकात संभव हो सकती है। लेकिन भारत सरकार के सूत्र ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद पर पाकिस्तान के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है और भारत की पहली शर्त आतंकवाद पर रोक लगाना ही है। इस कारण मोदी-शरीफ के बीच किसी तरह की बातचीत नहीं होगी। दो दिवसीय बैठक में पीएम मोदी के संबोधन की पूर्व संध्या पर विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि पीएम मोदी की समरकंद में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति सहित दूसरे देशों के शासनाध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बातचीत होगी। उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि पीएम मोदी की चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग से बातचीत होगी या नहीं। क्वात्रा ने बताया कि बैठक में प्रासंगिक मुद्दों, व्यापार और क्षेत्रीय सहयोग पर सार्थक चर्चा की उम्मीद है। बैठक में विकास पर फोकस होगा और आतंक समेत साझा चुनौतियों से निपटने के अलावा कारोबार एवं आर्थिक विषयों पर चर्चा की जाएगी।

