नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अब एक और नया ट्विस्ट आ गया है। एक तरफ जहां कांग्रेस नेता शशि थरूर ने नामांकन फार्म लिया तो वहीं अब पार्टी के कोषाध्यक्ष पवन बंसल ने भी फॉर्म लिया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह फॉर्म उन्होंने अपने लिए लिया हैं या अपने किसी समर्थक के लिए। केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने सोनिया गांधी संग बैठक की। इा दौरान उन्होंने संगठन चुनाव को लेकर विस्तृत चर्चा की और अभी तक किन-किन लोगों ने फॉर्म लिए हैं इसकी जानकारी भी उन्होंने दी। 10 जनपथ में बैठक खत्म होने के बाद मधुसूदन मिस्त्री ने बताया कि संगठन चुनाव को लेकर सोनिया गांधी को उन्होंने जानकारी दी है। इसी के साथ मतदाता पहचान पत्र तैयार कराएं हैं। इनको भी सोनिया गांधी को सौंप दिया गया हैं। अब तक कांग्रेस नेता शशि थरूर के यहां से उनका अधिकृत व्यक्ति फॉर्म लेकर गए हैं। दूसरा फॉर्म पवन बंसल बतौर समर्थक लेकर गए है। हालांकि उन्होंने खुद के लिए यह फॉर्म नहीं लिया है। पवन बंसल दो फॉर्म लेकर गए हैं। ये दो फार्म किसके लिए हैं यह अभी तक स्पष्ट हो पाया है।
दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के लिए अब तक शशि थरूर और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम ही आगे चल रहा था। हालांकि राजस्थान में सियासी घमासान के बीच अशोक गहलोत का नाम अब कहीं न कहीं पिछड़ता जा रहा है, लेकिन पार्टी की तरफ से शशि थरूर के सामने अब कौन अध्यक्ष का चुनाव लड़ेगा इस पर स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। बता दें कि राजस्थान कांग्रेस में अंदरूनी कलह के चलते दो साल बाद एक बार फिर वहां राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। यह स्थिति ऐसे समय बनी है जब कांग्रेस पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की नामांकन प्रकिया शुरू कर रही है। इसी चुनाव के चलते सचिन पायलट के लिए अगला मुख्यमंत्री बनने का दरवाजा खुला था। लेकिन पार्टी के शीर्ष पद के दावेदार अशोक गहलोत की नाराजगी के कारण उनके लिए यह दरवाजा अब बंद हो गया है। सवाल ये उठता हैं कि राजस्थान की इस सियासी उठापटक के बीच अब शीर्ष स्तर पर नेतृत्व अब क्या करेगा। इस किरकिरी के बाद कांग्रेस को राजस्थान का गढ़ जीतना इतना आसान नहीं होगा।

