रायबरेली में टीचर्स पर गिरी गाज, 28 का वेतन रोका

उत्तर प्रदेशरायबरेली में टीचर्स पर गिरी गाज, 28 का वेतन रोका

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रायबरेली में टीचर्स पर गिरी गाज, 28 का वेतन रोका

दिसंबर से सहायक अध्यापक नहीं गए ड्यूटी पर
महाराजगंज ब्लाक में 4, राही ब्लाक में 4 शिक्षकों का वेतर रोका
कोविड-19 के काल सेंटर में काम कर रहे 14 शिक्षकों का भी बीएसए ने वेतन रोका है

यूपी के रायबरेली जिले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर 35 टीचर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है. सहायक अध्यापक को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया है. वहीं एक शिक्षक को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया है. इसके अलावा कोविड-19 कॉल सेंटर में तैनात 14 शिक्षकों को लापरवाही बरतने के आरोप में और जिले के अलग-अलग ब्लाकों में ड्यूटी के दौरान गैर हाजिर मिले एक दर्जन से ज्यादा अध्यापकों और शिक्षामित्रों का वेतन रोकने का निर्देश जारी किया है. बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि जिले के छतोह ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय सुलईपुर में तैनात सहायक अध्यापक हरिशंकर को सेवा समाप्त की नोटिस जारी की गई है. बीएसए ने कहा कि दिसंबर 2019 से उक्त शिक्षक ड्यूटी से गैर हाजिर चल रहा था. उन्होंने ये भी बताया कि शिक्षक हरिशंकर ने शासन के निर्देश के बावजूद न तो अपने अभिलेख सत्यापित कराए हैं और न ही मानव संपदा पर कोई अपडेट किया है. वहीं बीएसए ने लालगंज में तैनात एक शिक्षक को निलंबित कर दिया, वहीं एक शिक्षामित्र का मानदेय रोकने का आदेश दिया.

एमडीएम की रुपए बच्चों के खाते में नहीं भेजे
बीएसए ने बताया कि सोमवार को जिले के अलग-अलग ब्लाकों के कई स्कूलों में ब्लाक स्तर पर अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया. इसमें एक दर्जन से अधिक शिक्षक ड्यूटी से लापता रहने या फिर एमडीएम की धनराशि बच्चों के खाते में नहीं जाने के मामले में वेतन रोकने का निर्देश देते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है. उन्होंने बताया कि इस क्रम में महाराजगंज ब्लाक में 4, राही ब्लाक में 4, सरेनी ब्लाक में 3, लालगंज ब्लाक में 2 और डलमऊ ब्लाक में 1 शिक्षक का वेतन रोकने का आदेश दिया गया है. साथ ही सभी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है. वहीं कोविड-19 के काल सेंटर में काम कर रहे 14 शिक्षकों का भी बीएसए ने वेतन रोका है.

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