शासन और एनजीटी का प्रदूषण नियम खोखला
रोक के बावजूद खूब फूटें पटाखें, चारो और धुआं ही धुआं
लखनऊ। देश में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी के आदेश पर योगी सरकार ने इस साल पटाखों पर प्रतिबंध लगाया, लेकिन उसकी धज्जियां भी यूपी के कई शहरों में जमकर उड़ाई गयी। शाम को पूजन के बाद तेज और धुआं वाले पटाखों को शोर मचना शुरू हुआ।
जमीन और आसमान में पटाखों का धुआं दिखने लगा। रोक के बाद भी शहरों में पटाखें फोड़े गये। वहीं पटाखों फोड़ने की निगरानी करनी वाली प्रशासन की टीम बेबस रही। कार्यवाही की चेतावानी धरी रह गयी। लोगों ने बेखौफ होकर पटाखों को फोड़ा। पुलिस कहीं रोक –टोक करती नजर नहीं आयी। कोरोना महामारी के चलते भले ही योगी सरकार ने पटाखों पर रोक लगा दिया हो।
लेकिन कानपुर, लखनऊ जैसे प्रतिबंध लगे शहरों में खुलेआम पटाखों की बिक्री की गयी। दिवाली पर दिन भर हवा में प्रदूषण की मात्रा ठीक रही और लोगों ने संयम भी रखा लेकिन जैसे ही रात के आठ बजे आतिशबाजी शुरू हो गई। एक घंटे बाद ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मॉनिटर पर कई शहरों का प्रदूषण 500 पार हो गया।
हवा में प्रदूषकों के बढ़ने की वजह से शहरों में विजेबिलिटी काफी कम हो गई। कई इलाकों में स्मॉग की चादर देखी गई जिससे दृश्यता भी कम हो गई।

