लखनऊ। पचास से अधिक बच्चों के यौन शोषण के आरोपी इंजीनियर को देर रात निलम्बित कर दिया गया। इससे पूर्व जूनियर इंजीनियर रामभवन को सीबीआई ने आज बांदा कोर्ट में पेश किया। जहां पर जांच एजेंसी ने रामभवन से और पूछताछ करने के लिए अदालत में पांच दिन की रिमांड की अर्जी लगायी लेकिन आरोपी के वकील ने पत्रावली पढऩे का समय मांग लिया जिसके चलते कोर्ट ने रिमांड पर सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख दी है।
इस दौरान पत्रकारों ने इंजीनियर ने उस पर लगे आरोपों के बाबत कई बार सवाल किया, लेकिन वह चुप्पी साधे रहा। जूनियर इंजीनियर सिंचाई विभाग में कार्यरत है। मंगलवार को सीबीआई ने चित्रकूट स्थित उसके आवास से उसे गिरफ्तार किया था। सरकारी वकील मनोज दीक्षित ने बताया कि आरोपी के वकील रामभवन ने पत्रावली पढऩे के लिए अदालत से समय मांगा, इसलिए अदालत ने रिमांड के लिए अगली तारीख 19 दिसंबर तय की है।
5 दिन की रिमांड मांगी गयी है। रिमांड पर कल फैसला होगा। सूत्रों के अनुसार, आरोपी इंजीनियर जिन 50 से अधिक बच्चों को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया है, उनमें 30 बच्चे चित्रकूट जिले से और 25 बच्चे बांदा जिले से हैं।
आरोपी ज्यादातर रिश्तेदार और परिवार के बच्चों का यौन शोषण करता था। जेई की शादी 2007 में हुई थी, अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ है। वह 2013 में अपने भाई के लड़के को अपने साथ लेकर आया था और किराये कॉलोनी पर किराए के मकान में रहता था।

