- नकली बाॅडी बिल्डिंग सप्लीमेंट तैयार करने वाले तीन गिरफ्तार
- मुजफ्फरनगर पुलिस ने कार्रवाई में डेढ़ करोड़ का सामान पकड़ा
- सेहत बनाने के नाम पर कर रहे थे जान से खिलवाड़
मुजफ्फरनगर। जल्द बाॅडी बनाने के लिये युवाओं में बाॅडी बिल्डिंग सप्लीमेंट का सेवन करने का चलन काफी बढ़ गया है। मांग बढ़ी तो नक्कालों ने ब्रांडेड बाॅडी बिल्डिंग सप्लीमेंट के नाम पर नकली प्रोटीन बेचना शुरू कर दिया है। यह नकली बाॅडी बिल्डिंग सप्लीमेंट सेहत को सुधारने की बजाये शरीर के आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंचा रहा है। इस नकली बाॅडी बिल्डिंग सप्लीमेंट के अधिक इस्तेमाल से युवा जान भी गवां रहे हैं। मुजफ्फरनगर पुलिस ने नकली बाॅडी बिल्डिंग सप्लीमेंट बनाने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से डेढ़ करोड़ रुपये का सामान बरामद किया है। यदि यह सामान बाजार तक पहुंच जाता तो न जाने कितने युवाओं की जान से खिलवाड़ हो सकता था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर कई लोगों की जांच करने में जुट गयी है। माना जा रहा है कि इस मामले में बड़ी कार्रवाई होगी और कई सफेदपोशों के नाम भी सामने आयेंगे।

मुजफ्फरनगर की पुुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी अभिषेक यादव ने पत्रकारों को बताया कि क्राइम ब्रांच व थाना सिविल लाइन पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नकली बाॅडी बिल्डिंग सम्लीमेंट बनाने वाले तीन अभियुक्त जुबैर आलम निवासी सरवट गेट, मोहम्मद अरसी निवासी दक्षिणी खालापार, आमिल निवासी कूकड़ा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घासमंडी की सुपर मार्किट में स्थित दुकानों से भारी मात्रा में तैयार नकली प्रोटीन के डब्बे, रैपर, खाली डब्बे, माल्टा काब्रोहाईड्रेटस, डेक्सोना व सिप्लटिन की टेबलेट व अन्य सामान बरामद भी किया है। एसएसपी ने बताया कि नकली बाॅडी बिल्डिंग सम्लीमेंट बनाने वाले अन्र्तराज्जीय गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। अभी तक की पूछताछ में पता चला है कि इन नकली बाॅडी बिल्डिंग सम्लीमेंट को बनाने के लिये सामान और खाली डिब्बे दिल्ली से मंगाये जा रहे थे। ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर बेचे जा रहे नकली प्रोटीन के रैपर मेरठ स्थित प्रिंटिंग प्रेस में छपवाये जाते थे। ब्रांडेड विदेशी कम्पनी ऑन, अल्टीमेट व यूनिवर्सल आदि के नकली रैफर छपाकर नकली बाॅडी बिल्डिंग सम्लीमेंट को लखनऊ, नागपुर, बरेली व यमुनानगर में बेचा जाता था। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों के पास से डेढ़ करोड़ रूपये का नकली प्रोटीन और सामान बरामद किया गया है।

ऑन डिमांड भी बनाते थे नकली प्रोटीन, मिलाते थे हानिकारक तत्व
नकली बाॅडी बिल्डिंग सप्लीमेंट को ऑन डिमांड भी तैयार किया जाता था। यानि जिस शहर में जिस ब्रांड की खपत अधिक होती थी उस शहर में प्रोटीन के डिब्बे पर ब्रांडेड कंपनी का नकली रैपर लगा कर, नकली प्रोटीन को ब्रांडेड बता कर बेचा जाता था। डिब्बे पर ब्रांडेड कंपनी का रैपर लगा देखकर युवा बेझिझक उसे खरीद लेते थे। दो सौ रूपये किलो की लागत में तैयार होने वाला नकली प्रोटीन, ब्रांडेड कंपनी के डिब्बे बनाकर दो हजार रूपये में बेचा जाता था। नकली प्रोटीन के 2 व 3 किलो के डब्बे भी तैयार किए जाते थे।
नकली प्रोटीन बनाने में जानलेवा पदार्थों का होता था इस्तेमाल
यह नकली प्रोटीन बनाने में अभियुक्त जानलेवा पदार्थों का इस्तेमाल करते थे। साइप्रोहेप्टाडाइन व डेक्सामेथासोन जैसी दवाईयां मिलाकर काब्रोहाईडेªटस से नकली प्रोटीन तैयार किया जाता था। स्वाद के लिये इस नकली प्रोटीन में माल्टो डक्सट्रीन फ्लेवर मिलाया जाता था। सेहत के लिये खतरनाक यह मिश्रण शरीर के अंगांे को नुकसान पहुंचाता है। इस नकली प्रोटीन के सेवन से आंतरिक अंग धीरे-धीरे काम करना बंद कर देते हैं और कई बार सेवन करने वाले की अचानक मौत भी हो जाती है।
गिरफ्तार करने वाली टीम की एसएसपी ने की सराहना
नकली बाॅडी बिल्डिंग सम्लीमेंट बनाने वाले गिरोह को गिरफ्तार करने वाली टीम में थाना सिविल लाइन प्रभारी डीके त्यागी, एसआई सुनील नागर, क्राइम ब्रांच से एसआई प्रवेश शर्मा, सुनील शर्मा, सिपाही अमित, हरवेन्द्र, वकार, गुरनाम, सोनू शर्मा, अरविंद आदि शामिल रहे। एसएसपी ने गिरफ्तार करने वाली टीम की सराहना की है।

