पिछले दो शुक्रवारों से पैग़म्बर मोहम्मद पर नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल की टिप्पणियों के विरोध में जुमे की नमाज़ के बाद हुई हिंसक घटनाओं से सबक लेते हुए आने वाले शुक्रवार को उत्तर प्रदेश का पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में है और काफी तैयारियां कर रखी हैं, विशेषकर प्रयागराज और लखनऊ में। इसके अलावा प्रदेश के 16 अन्य संवेदनशील ज़िलों में कल शुक्रवार को किसी अप्रिय घटना से निपटने की पूरी तैयारी है।
Also read: रात भर दंगाइयों के कब्जे में रहा मुर्शिदाबाद,14 जून तक इंटरनेट सेवाएं बंद
प्रयागराज में वालंटियर बनाये गए हैं जो जुमे की नमाज़ के दौरान मस्जिद में नमाज़ियों के बीच मौजूद रहेंगे और किसी भी तरह की संदिग्ध एक्टिविटी की फ़ौरन पुलिस को सूचना देंगे। इन वालंटियर का काम मस्जिद में आने वाले लोगों पर कड़ी निगाह रखना है और अगर कोई भी व्यक्ति संदिग्ध नज़र आये तो उसे मस्जिद में प्रवेश से रोकना है। बता दें कि पिछले जुमे को उत्तर प्रदेश में प्रयागराज में ही सबसे ज़्यादा हिंसा हुई थी।
वहीँ राजधानी लखनऊ में भी संवेदनशील इलाकों की लगभग 70 मस्जिदों को चिन्हित किया गया है, इन भीड़भाड़ वाली मस्जिदों को विशेष निगरानी की लिस्ट में डाला गया है. इसके अलावा पुराने लखनऊ के इन इलाकों में ड्रोन के द्वारा भी निगरानी कराई जाएगी ताकि घरों और इमारतों की छतों पर ईंट पत्थर दिखाई देने पर पुलिस फ़ौरन एक्शन ले सके। वहीँ प्रयागराज की तरह यहाँ भी धर्म गुरुओं और अम्न कमेटियों से पुलिस के आला अधिकारीयों ने बैठक करके सहयोग करने की अपील की गयी है। बता दें कि राजधानी लखनऊ को 37 सेक्टरों में बांटा गया है।
Also read: नूपुर को मिला बिहार से समर्थन, लगे “I support Nupur Sharma” के पोस्टर
प्रदेश में शांति बनाये रखने के लिए दोनों समुदायों के धर्मगुरुओं का पुलिस को पूरा सहयोग मिल रहा है, लखनऊ में मौलाना खालिद रशीद ने मुसलमानों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान दें और न ही कुछ ऐसा करें कि जिससे इस्लाम और मुसलमानों की बदनामी हो. मस्जिदें विरोध प्रदर्शन के लिए नहीं अल्लाह की इबादत के लिए होती हैं। इसलिए तसल्ली और शांति के साथ जुमा की नमाज़ पढ़कर अपने घरों और अपने कामों पर लौट जायँ, बेवजह कहीं भीड़ का हिस्सा बनने की कोशिश न करें।

