G20 Meeting: भारत ने जी—20 की बैठक कश्मीर में कराने की बनाई योजना तो भड़के चीन और पाकिस्तान

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नई दिल्ली। सन 2023 में प्रस्तावित जी—20 बैठक को कश्मीर में कराने की भारत की योजना पर पाकिस्तान और चीन भड़क गए हैं। दोनों देशों ने इस पर विरोध जताते हुए भारत को ऐसा नहीं करने की सलाह दी है। भारत के इस फैसले के विरोध में चीन और पाकिस्तान दोनों ही एक—दूसरे के सुर में सुर मिला रहे हैं।  जी—20 की कश्मीर में बैठक कराने के भारत के प्रस्ताव का विरोध सबसे पहले चीन ने शुरू किया।

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पाकिस्तान ने चीन का समर्थन करते हुए कहा कि संबंधित पक्षों के मुद्दे को भारत राजनीतिक रंग देने से बचे। चीनी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि हमने प्रासंगिक जानकारी देखी है। कश्मीर पर चीन की स्थिति स्पष्ट है। कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच विरासत का मुद्दा है। इसे संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत ही ठीक से हल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्षों को एकतरफा कदम से स्थिति जटिल होगी। अत: ऐसी कोशिशों से बचना चाहिए। विवादों को बातचीत और परामर्श के माध्यम से संयुक्त रूप से शांति और स्थिरता बनाए रखना आवश्यकता है।

झाओ लिजियान ने कहा कि जी-20 अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है। उन्होंने कहा प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का आह्वान करते हैं कि इसके माध्यम से वैश्विक अर्थव्यवस्था से उबरने पर ध्यान दिया जाए। इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए और वैश्विक आर्थिक शासन को सुधारने को सकारात्मक योगदान दें।

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जी-20 समूह सदस्य की बैठक में चीन शामिल होगा या नहीं। इस पर झाओ ने कहा कि बैठक में चीन शामिल होंगा या नहीं इस पर विचार करेंगे। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के विवादित क्षेत्र में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का निर्माण और इसमें भारत की आपत्ति के बारे में उन्होंने कहा कि दोनों मामले अलग प्रकृति के हैं। चीन ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था विकास और लोगों की आजीविका में सुधार लाने को परियोजना की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि परियोजनाएं कश्मीर के उस भाग में हैं जो पाकिस्तान के नियंत्रण वाला है। परियोजनाएं चलाने वाली चीनी कंपनियां स्थानीय लोगों की मदद के लिय यह कर रही हैं।

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