जम्मू। कोरोना संक्रमण काल के बाद शुरू हुई अमरनाथ की यात्रा में इस बार रिकार्ड तोड़ श्रद्धालुगण पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं ने इस बार पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अमरनाथ यात्रा में इस बार भोले बाबा के दर्शन के लिए 3ः65 लाख शिवभक्तों ने पवित्र गुफा पहुंचकर हिम शिवलिंग के दर्शन किए। वर्ष 2016 के बाद शिव भक्तों का की यह सबसे अधिक संख्या है। यह जानकारी जम्मू काश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्रा के समापन पर दी। उपराज्यपाल ने बताया कि 44 दिनों में 20 दिन तक खराब मौसम के बाव भी यात्रा काफी संतोषजनक रही थी। यात्रियों द्वारा किया गया आरएएस सर्वेक्षण में विभिन्न मानकों पर 93 फीसदी संतुष्टि रेटिंग दर्शायी है। जबकि 73 फीसदी भक्तों ने यात्रा के पहले 20 दिनों में दर्शन किए। प्रशासन को यात्रियों की तरफ से सुविधाओं के बारे में जोरदार प्रतिक्रियाएं मिली है। श्राइन बोर्ड, पुलिस,नागरिक प्रशासन, केंद्रीय बल, सेना, एसडीआरएफ, स्वयंसेवकों एनडीआरएफ व अन्य में जम्मू-कश्मीर के स्थानीय लोगों ने आठ जुलाई की बाढ़ के बाद तेजी से बचाव और राहत अभियान चलाया और दर्जनों लोगों की जान बचाई। पुलिस और सुरक्षाबलों के समर्पण और प्रतिबद्धता ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।
Read also: Himachal Pradesh में सामूहिक धर्मान्तरण पर अब 10 साल की सजा
उपराज्यपाल ने कहा कि कोविड संक्रमण के कारण पिछले दो साल के बाद फिर से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा के लिए की विभिन्न नई पहलों को अब सूचीबद्ध किया है। पिछले वर्षों की तुलना में यात्रियों के रहने की क्षमता में 80 फीसदी वृद्धि की गई। प्रदेश में पहले 70 हजार यात्रियों की तुलना में 1ः25 लाख यात्रियों के रूकने की विशेष व्यवस्था की गई थी। चंद्रकोट में 3600 क्षमता का नया यात्री निवास इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था जो खराब मौसम के दौरान अधिक यात्रियों को रूकने में एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित हुआ। उपराज्यपाल ने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जम्मू के छात्रों ने यात्रा में नई तकनीकी सहायता सेवा प्रदान की। यात्रा के सभी रूटों पर एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया था। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए देश भर में पीएनबी,एसबीआई, जेएंडके बैंक और यस बैंक की लगभग 566 बैंक शाखाओं द्वारा ऑनलाइन और ऑफ लाइन तरीकों से अमरनाथ यात्रा पंजीकरण 11 अप्रैल को शुरू किया था। जिसके परिणाम उत्साहवर्धक रहे थे।

