देहरादून। आज शुक्रवार केा तड़के आई बारिश ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। देहरादून के पास मालदेवता सरखेत, टिहरी और यमकेश्वर में बादल फटने से भारी तबाही मच गई है। जिलाधिकारी सोनिका के अनुसार आपदा में दस लोग लापता बताए हैं। जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है। कीर्तिनगर क्षेत्र में सुबह सात बजे ग्राम कोठार में 15 कमरों का आवासीय भवन भूस्खलन होकर मलबे में तब्दील हो गया। जिसमें 80 वर्षीय बचनी देवी दब गई। आपदा में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची है । कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी घटनास्थल का दौरा कर आए हैं और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए है। फिलहाल घटनास्थल पर आपदा बचाव का कार्य जारी है। आपदा में लापता लोगों की खोजबीन के लिए एनडीआरएफ और एसटीएफ टीमें अभियान चला रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी से घटनाक्रम की जानकारी ली है।
सीएम धामी ने आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद कहा कि हमारी आपदा प्रबंधन टीम और एसडीआरएफ की टीमें प्रशासन के अन्य अधिकारियों के साथ उन इलाकों में पहुंचे हैं। जहां पर रात भर भारी बारिश ने कहर बरपाया था। वो भी मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान का निरीक्षण करने की कोशिश में हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मालदेवता प्रभावित इलाके में पहुंचे हैं। बादल फटने के कारण नदी एवं कुवा खाला में पानी आने से ग्राम सरखेत में मकानों का बुरा हाल है। लोगों के घरों में पानी भरा हुआ है। शहर में टपकेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद तमसा नदी पूरे उफान पर है। मंदिर के भीतर पानी घुस गया है। टपकेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी दिगंबर गिरि ने कहा कि हम प्रार्थना करते हैं कि कोई जान-माल का नुकसान न होने पाए। नदी पर बना पुराना पुल पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। भारी बारिश से सोंग, जाखन और सुसवा नदियां अपने पूरे उफान पर हैं। नदी किनारे रहने वालों को दूसरे स्थान पर भेजने के लिए प्रशासन प्रयासरत है। वहीं राजीव नगर केशव पुरी सॉन्ग नदी से पानी आबादी तक पहुंच गया है। हालांकि अभी कोई नुकसान की सूचना नहीं मिली है। सुसवा नदी के तेज बहाव से कटाव भी जारी है।

