Gujarat Chunavi Dangal: गुजरात मे सियासी संग्राम आरम्भ हो गया है वही पक्ष विपक्ष लगातार जनता को साधने की कवायद में लगा हुआ है। प्रत्येक दल के बडे नेता गुजरात का दौरा कर रहे हैं वही गुजरात मे रूठे आदिवासियों को मनाने के लिए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात मे एक सभा को सम्बोधित करेंगे। सूत्रों के मुताबिक आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवसारी के चिकली में 3 लाख से ज्यादा आदिवासियों से सम्पर्क साधेंगे। उनके इस दौरे का सबसे बड़ा राजनीतिक कारण जनता को आकर्षित करना और विपक्ष की नीतियों पर अपनी रणनीति को भारी साबित करना है।
Also Read : UP Political News: आज़मगढ़ पर अंततः Dharmendra Yadav का नाम हुआ फाइनल
गुजरात के इस इलाके में प्रधानमंत्री की रैली का उद्देश्य कांग्रेस को झटका देना भी है क्योंकि यह वही इलाका है जहां तापी नर्मदा लिंक प्रोजेक्ट को लेकर आंदोलन चल रहा है और उस आंदोलन का नेतृत्व कांग्रेस के नेता अंनत पटेल कर रहे हैं। अब जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुजरात दौरे पर आदिवासी समाज के गुस्से को।शांत करने हेतु बुलाया गया है क्योंकि अगर आदिवासी भाजपा से रूठ गए तो आगामी चुनाव में भाजपा के लिए राह कठिन हो जाएगी।
बता दें गुजरात मे अंबाजी से लेकर उमरगांव तक का एरिया आदिवासी समाज का माना गया है। जिसमें दक्षिण गुजरात में करीब विधानसभा की 13 ऐसी सीटें आती हैं, इन सींटो पर इस समय विरोध जारी है और आंदोलन की वजह से यहां भाजपा की नींव कमजोर होती दिख रही है। वही अंनत पटेल के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन ने इस समाज मे कही न कही कांग्रेस के लिए जगह बना दी है। अंनत पटेल एक ऐसे नेता हैं जो की लम्बे समय से आदिवासी समाज के हित हेतु संघर्ष कर रहे हैं।
Also read: कानपूर की साम्प्रदायिक घटना ख़ुफ़िया तंत्र की नाकामी: मायावती
इन्होंने माला प्रोजेक्ट, नेशनल कॉरिडोर हाईवे का विरोध भी शामिल रहा. जल, जमीन और जंगल की मांग के साथ आदिवासियों के हक के लिए उन्होंने हर बार अपनी आवाज बुलंद की है। फिलहाल जिस तापी नर्मदा लिंक परियोजना का यह विरोध कर रहे हैं उसपर राज्य सरकार ने रोक लगा दी है। लेकिन यह परियोजना केंद्र सरकार की थी जिसके चलते अभी आदिवासियों को सरकार की इस नीति के पीछे कई राजनीतिक परिदृश्य दिखाई दे रहे हैं और वह आंदोलन से पीछे नहीं हटना चाह रहे हैं।

