Gujarat Chunavi Dangal: क्या कांग्रेस और भाजपा के बीच पिस जाएगी एआईएमआईएम

गुजरात चुनावGujarat Chunavi Dangal: क्या कांग्रेस और भाजपा के बीच पिस जाएगी एआईएमआईएम

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Gujarat Chunavi Dangal: गुजरात मे इस साल के अंत मे विधानसभा चुनाव होने को।है वही पक्ष विपक्ष में तना तनी आरम्भ हो गई है। जहाँ भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी लगातार जनता को अपने दल से जोड़ने की कवायद में लगे हैं वही अगर हम बात एआईएमआईएम की करें तो इसकी गुजरात मे शिरकत हो चुकी है और यह पार्टी सिर्फ मुस्लिम वोट बैंक को टारगेट कर रही है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी निरंतर इस प्रयास में लगे हुए हैं कि वह गुजरात की राजनीति में किस द्वार से प्रवेश करें और जनता को।अपने खेमे में कर ले। 

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लेकिन गुजरात मे ओवैसी के लिए राह आसान नहीं है अभी हाल ही में जब ओवैसी गुजरात के दौरे पर जा रहे थे तो इन्हें कड़े विरोध का सामना करना पड़ा लेकिन ओवैसी अपने प्रयासों से गुजरात पहुंचे और उन्होंने मुस्लिम समाज को सम्बोधित करते हुए कहा था कि वह देख रहे हैं समाज मे किस तरह मुस्लिम का शोषण हो रहा है और उनके अधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही है यह वास्तव में असहनीय है। आज मुस्लिम देश मे असुरक्षित है हर कोई उसे हीन भावना से देख रहा है मैं यहां अपनो की बात करने आया हूँ और उसी के आधार पर आपका समर्थन मांग रहा हूँ। वही उन्होंने यह भी दावा किया था कि वह गुजरात के विधानसभा चुनाव में अपने दल से कई नेताओं को मैदान में उतारेंगे।

लेकिन अगर हम गुजरात की राजनीति को समझे तो यहाँ ओवैसी के लिए राह आसान नहीं है। गुजरात मे 1984 से भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर देंखने को मिली है जनता के मन मे कांग्रेस और भाजपा ने पहले से ही जगह बना रखी है कि अब अरविंद केजरीवाल ने गुजरात की जनता को आकर्षित करना आरंभ कर दिया है। वही जिस मुस्लिम वोट बैंक से ओवैसी आस लगाए हुए हैं वह पहले से कांग्रेस की ओर झुकाव दिखा रहा है और उसे अपना हित कांग्रेस के साथ दिख रहा है। अब इस परिदृश्य के बीच ओवैसी का मुस्लिम समाज के नाम पर राजनीति में प्रवेश करना उन्हें गुजरात मे यूपी की भांति हार से रूबरू न करवा दे। 

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अभी  यूपी चुनाव में ओवैसी ने उत्तरप्रदेश में मुस्लिम कार्ड पर दांव लगाया था और इन्हें मुह की खानी पड़ी थी। अब अगर ओवैसी दोबारा पुनः वही गलती दोहराते है और अपनी रणनीति में बिना कोई परिवर्तन किया गुजरात मे भी मुस्लिम कार्ड पर दांव लगाते है तो इनकीं राह गुजरात मे आसान नहीं होगी और इनकीं पार्टी कही न कही भाजपा और कांग्रेस के समर्थकों के बीच सिर्फ झूला झूलती रह जायेगी।

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