Gujarat Chunavi Dangal: केजरीवाल के निशाने पर गुजरात का युवा वोटर

गुजरात चुनावGujarat Chunavi Dangal: केजरीवाल के निशाने पर गुजरात का युवा वोटर

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गुजरात में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर दिल्ली और पंजाब में भारी बहुमत से सरकार बनाने वाली आम आदमी पार्टी की चुनावी तैयारियां शबाब पर हैं. केजरीवाल गारंटी योजनाओं की घोषणाओं की शुरुआत कर चुके हैं. उम्मीदवारों की सूची भी जारी करने में AAP ने बाज़ी मारी है और 10 प्रत्याशियों के नामों का एलान कर यह दिखाने की कोशिश की है कि वह गुजरात में सत्ता हासिल करने के लिए आये हैं न की सिर्फ चुनाव लड़कर अपनी पहचान बनाने। AAP के इरादों और तैयारियों से तो यही लगता है कि पिछले 27 सालों से गुजरात की सत्ता पर काबिज़ भाजपा को उखाड़ने आयी है. 

अरविन्द केजरीवाल गुजरात के बार बार दौरे करके मोदी के गुजरात मॉडल के सामने अपना दिल्ली मॉडल लोगों के सामने रख रहे हैं. जिस तरह केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और पानी को लेकर मुफ्त योजनाएं शुरू कीं वही सारी योजनाएं वो गुजरात के वोटरों के सामने रख रहे हैं. उनकी घोषणाओं को अगर देखें तो पिछले दौरे में रोज़गार गारंटी योजना, बेरोज़गारी भत्ता और सरकारी नौकरियां निकालने का वादा प्रदेश के युवा वोटरों को लक्षित है. बेरोज़गारी इस समय देश की सबसे बड़ी समस्या है, ऐसे में पांच सालों में गुजरात से बेरोज़गारी को ख़त्म करने की बात कहना एक अजीब सी बात लगती है लेकिन उम्मीद पर दुनिया कायम है, यहाँ लोग उम्मीद और वादों पर ही ज़्यादा जीते हैं. केजरीवाल का बेरोज़गारी मिटाने की बात और न मिटा पाने पर भत्ता देने की बात इस चुनाव का एक बड़ा मुद्दा बन सकता है जिसकी काट शायद भाजपा के पास भी नहीं है. बेरोज़गारी पर तो मोदी सरकार पहले से ही घिरी हुई है और शायद इसलिए मुफ्त की योजनाओं का उसने विरोध शुरू कर दिया है.

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केजरीवाल ने अपने को पढ़ा लिखा बताते हुए कहा था कि उन्हें मालूम है कि रोज़गार कैसे दिया जाता है. दिल्ली के लिए रोज़गार पर उन्होंने जो दावे किये पता नहीं वो कितने सच्चे है लेकिन रोज़गार गारंटी की घोषणा का असर गुजरात के मतदाताओं पर ज़रूर पड़ेगा ऐसा मन जाना चाहिए, केजरीवाल ने काफी सोच समझकर इस मुद्दे को उठाया है, उन्हें मालूम है कि गुजरात का 60 प्रतिशत वोटर युवा है और जो गुजरात मॉडल के बावजूद बेरोज़गारी के दंश से पीड़ित है. रोज़गार गारंटी के साथ 10 लाख नौकरियां और उससे बढ़कर तीन हज़ार रूपये बेरोज़गारी भत्ता यकीनन गेम चेंजर बन सकता है.

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