कर्नाटक राज्य के विजयनगर शहर में तुंगभद्रा नदी के तट पर बसे हुए हम्पी बेहद ही सुंदर शहर में से एक है. यहां ऐतिहासिक खंडहरों से घिरे कई भव्य मंदिर हैं. यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल में हम्पी भी मौजूद है. हम्पी शहर का फैलाव गोल चट्टानों के टीलों में फैला हुआ है. इन घाटियों और टीलों के मध्य 500 से भी ज्यादा स्मारक चिह्न हैं. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक हनुमान जी का जन्म स्थान भी यहीं है. आज हम आपको हम्पी शहर के प्रमुख मंदिरों के बारे में कुछ खास बातें बताने जा रहे है.
विजय विट्ठल मंदिर:

विजय विट्ठल मंदिर 15वीं शताब्दी में इस मंदिर का निर्णाण किया गया था. इस मंदिर को ऐतिहासिक सरंचनाओं में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. यह मंदिर भगवान विट्ठल को समर्पित करते हुए बनाया गया है. विठ्ठल भगवान विष्षु भगवान के अवतार है. इस मंदिर की ख़ास बात यह है कि यहां कुछ स्तंभ ऐसे हैं , जिन्हें हाथ से खटखटाने पर संगीत के 7 सुरों की ध्वनि निकलती है. इस मंदिर में तकरीबन 56 स्तंभ हैं, जिनसे संगीत सरगम निकलती है. इसी वजह से इन स्तंभों को ‘संगीत स्तंभ’ या फिर ‘सारेगामा स्तंभ’ के नाम से भी जाना जाता है.
हेमकुता पहाड़ी मंदिर:

लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर:

जानकारी के लिए हम बता दें कि हम्पी में लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर जिसे उग्रा नरसिम्हा की मूर्ति के रूप में भी कहा जाता है. यह हम्पी शहर की सबसे बड़ी मूर्ति है. भगवान लक्ष्मी नरसिम्हा की इस प्रतिमा का 1528 में निर्माण किया गया था. यह प्रतिमा 6.7 मीटर ऊंची है.

