रुद्राक्ष का हिन्दू धर्म में विशेष स्थान है, इसके साथ ही इन्हें भगवान शिव का रूप माना जाता है। वहीं जो व्यक्ति इन्हें धारण करता है, उसके सारे कष्टों का निवारण जल्दी ही हो जाता है। वहीं ऐसी मान्यता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है, इसके साथ ही रुद्राक्ष के कई रूप होते हैं, ऐसा ही एक है तीन मुखी रुद्राक्ष। आज जानते हैं उसके बारें में।
धारण करने के फायदे-
तीन मुखी रुद्राक्ष गले में धारण करने से ग्रहों की चल रही अशांति दूर होती है, इसके साथ ही इसे धारण करने से चेहरे के तेज में वृद्धि होती है, साथ ही बल भी बढ़ता है। इसके साथ ही छात्रों को पढ़ाई के दिनों में इसे धारण करना चाहिए, क्योंकि इसे धारण से करने से उनके साहस और ऊर्जा में वृद्धि होती है।
ऐसे करें धारण-
- रुद्राक्ष को धारण करते समय इसको पहनने वाले धागों का ध्यान हमेशा रखें, इसे हमेशा पीले रंग या लाल रंग के धागे में धारण करें।
- वहीं इसे धारण करने के साथ ही शुद्धता का ध्यान रखना चाहिये, इसे कभी भी अशुद्ध हाथों से नहीं छूना चाहिये।
- अगर कोई रुद्राक्ष आपने पहन लिया है तो उसे किसी दूसरे को धारण करने को न दें।
- इसे धारण करते समय भगवान शिव का ध्यान करना चाहिये और ॐ नमः शिवायः का उच्चारण करना चाहिये।

