क्या आपने कभी सुना है कि दुनिया के पालनहार भगवान खुद भी कभी बीमार पड़ जाते हैं। सुनकर भले ही अजीब लग रहा होगा। लेकिन इस संसार में भगवान भी बीमार हो जाते है जी हां,हम बात कर रहे है पन्ना के भगवान जगन्नाथ स्वामी जी की जो आज से 15 दिनों के लिये लू लगने से बीमार हो गए है जिससे अब 15 दिनों के लिए भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर के पट बंद कर दिए गए है पुरी की तर्ज पर मंदिरों की नगरी पन्ना में भगवान जगन्नाथ स्वामी जी रथयात्रा का कार्यक्रम सेकड़ो वर्षों से ज्यादा समय से होता चला आ रहा है क्या भगवान जगन्नाथ स्वामी के बीमार होने की कहानी देखिये इन रिपोर्ट में…..।
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जानकार मनीष मिश्रा बताते हैं कि पन्ना जिले में भगवान जगन्नाथ स्वामी जी प्राचीन मंदिर है जहां पर भगवान जगन्नाथ स्वामी अपनी बहन सुभद्रा,एवं भाई बलभद्र के साथ विराजमान है। मंदिरों की नगरी पन्ना में भगवान जगन्नाथ स्वामी जी मंदिर में रथयात्रा का कार्यक्रम बड़े धूमधाम हर्षोल्लास के साथ सैकड़ो वर्ष पहले से मनाने की परंपरा चली आ रही है। लेकिन रथयात्रा के पहले भगवान को लू लग जाने से बीमार पड़ जाते है। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ स्वामी जी को धूप में स्नान कराने से लू लग जाती है।जिसके चलते वे बीमार हो जाते है। भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर में आज के दिन सुबह राज परिवार की उपस्थिति में भगवान के स्नान यात्रा की रस्म अदायगी की गई। इसी के साथ ऐतिहासिक रथ यात्रा महोत्सव का आगाज भी हो जाता है।

भगवान जगन्नाथ स्वामी के सेहत में सुधार होने के लिए भक्त प्रार्थना करते है। सबसे पहले भगवान को मंदिर के गर्भगृह से भगवान को बाहर लाया जाता है। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ औषधीय जल से भगवान को स्नान कराया जाता है। इसी दौरान लू लगने से भगवान बीमार पड़ गए इससे उनकी दिनचर्या और भोजन व्यवस्था भी बदल दी जाती है। वही जगन्नाथ स्वामी मंदिर के पुजारी राकेश गोस्वामी का कहना है कि भगवान के ठीक होने तक उन्हें प्रतिदिन वैद्य द्वारा दवा देने की परंपरा भी निभाई जाती है। इस दौरान मंदिर के कपाट भक्तों के लिए बंद रहेंगे। इस रथ यात्रा में हजारों की भीड़ के साथ घोड़े-हाथी, ऊंट की सवारी निकलती है।

