- कानूनों को सिर्फ मोदी के अहंकार की तृष्टि के लिये बनाने का लगाया आरोप
नई दिल्ली। मोदी के अहंकार की तृष्टि के लिये बनाये गये कानूनों ने 700 किसानों की जान ले ली। एआईएमआईएम के अध्यक्ष असद्दुदीन ओवैसी का कहना है कि तीनों कृषि कानून असंवैधानिक थे। मोदी सरकार को ऐसे कानून बनाने का कोई अधिकार नहीं था। असद्दुदीन ओवैसी ने कृषि कानून वापस लिये जाने को देर से लिया फैसला बताया।
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असद्दुदीन ओवैसी ने कहा कि यहि मोदी सरकार अहंकार को छोड़ कर संविधान के अनुसार काम करती तो किसानों की जान न जाती। जब जनता सड़क पर उतर आती है तो सरकार डर जाती है। कृषि कानून वापस लेना सभी किसानों की जीत है।
बोले अखिलेश, अहंकार की हार, किसान और गणतंत्र की जीत
कृषि कानून वापस लिये जाने को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अहंकार की हार और किसान, गणतंत्र की जीत बताया। अखिलेश ने कहा कि काले कानून वापस लिये जाने के बावजूद लोग केंद्र सरकार को आगामी चुनावों में माफ नहीं करेंगे। उनकी झूटी माफी भी उनके किसी काम नहीं आयेगी। उन्होंनेे झूठी माफी मांगने वालों से राजनीति छोड़ देने को कहा।
प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों के प्रयासों की आखिरकार जीत हुई है। यह अहंकार की हार और किसानों की, गणतंत्र की जीत है। लोग आगामी चुनावों में केंद्र सरकार को माफ नहीं करेंगे। यह झूठी माफी किसी काम नहीं आएगी। जिन्होंने माफी मांगी, उन्हें हमेशा के लिए राजनीति भी छोड़ देनी चाहिए।
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मायावती ने कहा, शहीद किसानों का बलिदान रंग लाया
वहीं बसपा प्रमुख मायावती का कहना है कि सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला पहले ही कर लेना चाहिये था। उन्होंने एमएसपी को लेकर सरकार द्वारा कोई निर्णय लेने की बात कही। मायावती ने किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को शहीद बताते हुए कहा कि उनके परिवार को केंद्र सरकार आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दे। आज शहीद किसानों का बलिदान रंग लाया है जो कृषि कानून वापस लिये गये हैं।

