- लकड़ी की 11 सीटों पर बन है राम रक्षा स्रोत, 6 एमएम मोटे पन्ने पर 10 एमएम के अक्षर हैं
- लकड़ी पर शब्द उकेर कर प्लाई बोर्ड में चिपकाएं जाते हैं, पन्ने की ऊंचाई 6 इंच है
- कानपुर के रहने वाले युवा कारोबारी पीएम मोदी को लकड़ी पर बनी गीता भेंट कर चुके हैं
- अयोध्या के राम मंदिर को भेंट करने के लिए हनुमान चालिसा तैयार कर रहे हैं
- कुछ अलग करने की चाह से तेजी से आगे बढ़ रहा कानपुर का युवा कारोबारी
- पिता की डेथ के बाद घर चलाना हो गया था मुश्किल, आज दूसरों को दे रहे रोजगार
- 42 महीने में 32 बोर्डों पर लिख दी थी पूरी गीता, एक ही बोर्ड में पूरी हनुमान चालिसा लिख रहें
अमित बिश्नोई
कानपुर। कहते हैं न आप कुछ अलग करिए आपको रास्ता खुद ब खुद मिल जाएगा.बचपन से ही यह सोच रखने वाले कानपुर के युवा कारोबारी बर्रा के जरौली फेस टू निवासी संदीप सोनी ने कम समय में अपनी अलग पहचान बना ली है. अब उनके हुनर ने उन्हें एक ऐसा मुकाम दिया है जिसकी चर्चा देश भर में हो रही है. दरअसल, संदीप सोनी के हाथों लकड़ी पर बनाया गया राम रक्षा स्त्रोत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपा. इस राम रक्षा स्रोत में सभी अक्षर पहले काटे गए हैं और फिर उसे खूबसूरती के साथ लकड़ी पर पिरोआ गया है.

इसको देखते ही इसकी खूबसूरती पता चल रही है. सीएम योगी आदित्यनाथ पहले खुद ही इसे ध्यान से देखते रहे और फिर इसकी तारीफ करते हुए उन्होंने इसे राष्ट्रपति को सौंपा. 4 महीने की कड़ी मेहनत से 44 श्लोक लकड़ी पर उकेरे हैं. अब संदीप अयोध्या के राम मंदिर के लिए हनुमान चालीसा तैयार कर रहे हैं. जिसे वह सीएम योगी के माध्यम से भेंट करवाना चाहते हैं.
चार महीने लगे बनाने में

संदीप का हुनर देखकर कानपुर देहात में हो रहे इस कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी उत्साहवर्धन किया. राष्ट्रपति ने कहा कि यह संदीप की मेधा का कमाल है. उन्होंने कहा कि ऐसे युवा टैलेंटेड लोगों को आगे आना चाहिए. आपको बता दें कि संदीप का जीवन संघर्षों से भरा रहा है. पिता की डेथ के बाद से संदीप पर ही घर की सारी जिम्मेदारी आ गई थी. अचानक आई जिम्मेदारी से संदीप टूटे नहीं. सुबह वह पेपर बांटने लगे. फिर कुछ दिनों बाद वह कानपुर में वह 8 हजार रुपए महीने की नौकरी करने लगे. स्थितियां उनके अनुकूल नहीं थी लेकिन वह मेहनत करते रहे.
पीएम मोदी ने दी हौसले की वैक्सीन

बेहद जुझारू संदीप ने मुश्किल हालातों में भी कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. 8 मार्च 2016 में उन्होंने पीएम मोदी को अपने हाथों से लकड़ी पर बनाई गई गीता भेंट की. इसे बनाने में उन्होंने साढ़े तीन साल का लंबा वक्त लगा. पीएम मोदी ने उनके हुनर की तारीफ करते हुए ट्वीट किया था कि और लोगों को भी आगे आना चाहिए. संदीप बताते हैं कि 2 मिनट का समय मिला था लेकिन मुलाकात करीब 15 मिनट की हो गई थी. इस दौरान पीएम मोदी से काफी कुछ सीखने को मिला. उन्होंने कहा था कि कभी हारना नहीं और आगे बढ़ते रहना. पीएम मोदी से मिली हौसले की यह वैक्सीन आज भी काम कर रही है.
युवाओं को रोजगार से जोड़ा
संदीप बताते हैं कि पीएम मोदी से मिलने के बाद स्टार्टअप के बारे में पूरी जानकारी ली. हमेशा से खुद का लकड़ी का शोरूम खोलना चाहते थे. पीएम मोदी से मिलने के बाद लाेन लेकर इसे खोला. और मेहनत करते रहे आज युवाओं को रोजगार दे रहे हैं. संदीप इन युवाओं में खुद को देखते हैं. अपने स्टाफ के साथ बेहद मित्रवत व्यवहार उन्हें औरों से अलग करता है. कानपुर के युवा कारोबारी के रूप में अपनी अलग पहचान बना ली है. संदीप ने बताया कि वह पहले वह राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें राम रक्षा स्रोत सौंपना चाहते थे लेकिन जब पता चला कि राष्ट्रपति कानपुर आ रहे हैं तो उन्होंने दिन रात एक करके इसे समय से बना दिया. वह अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को देते हैं.

