भारतीय महिलाओं में सबसे अधिक थायरॉइड की समस्या देखी जाती है, इसके साथ ही पुरुषों के अपेक्षा महिलाओं में इसका खतरा 10 गुना तक अधिक होता है। वहीं थायराइड को दो तरह से विभाजित किया गया है, जिसमें पहली स्थिति वह है जिसमें शरीर में थायराइड हार्मोन्स का उत्पादन काफी कम हो जाता है, जिसे हाइपो थायराइडम कहा जाता है। वहीं दूसरी स्थिति के बारें में बात करें तो जहाँ थायराइड हार्मोन्स की मात्रा अधिक हो जाती है, जिसे हाइपरथायराइडम कहा जाता है, यह दोनों स्थितियां स्वास्थ्य के लिये हानिकारक मानी जाती है।
बचें मीठी चीजों के सेवन से-
मीठी चीजों या ऐसे खाद पदार्थ जिनमें एडेड शुगर काफी मात्रा में पाया जाता है, वह सिर्फ डायबिटीज को ही नहीं बढ़ाते बल्कि थायराइड के विकारों को भी बढ़ावा देते हैं। ऐसे में मीठी चीजों के सेवन से इस समस्या के होने पर परहेज करना चाहिए।
कैफीन युक्त चीजों का कम करें सेवन, चाय-कॉफी से बनायें दूरी-
थायराइड की समस्या होने पर हमें कैफीन युक्त चीजों का सेवन छोड़ देना चाहिए, इसके साथ ही जिन लोगों की थायरायड की दवा चलती है उन्हें इससे अधिक दूरी बनानी चाहिये। बता दें कि कैफीन इस दौरान चल रही दवाओं के अवशोषण को प्रभावित करता है, इसके साथ ही इन चीजों के विकार की जटिलताओं का बढ़ने का खतरा हो सकता है।
बन्द करें अल्कोहल का सेवन-
अल्कोहल का सेवन वैसे भी स्वास्थ्य के लिये खतरनाक माना जाता है, ऐसे में थायराइड की समस्या होने पर यह थायरॉयड ग्रंथि के कार्यो को प्रभावित करता है, वहीं इसके शिकार लोगों को इससे बचना चाहिये।

