सलाम बॉम्‍बे फाउंडेशन की वर्चुअल मीडिया साक्षरता प्रदर्शनी में 5000 वैश्विक आगंतुकों का आगमन

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सलाम बॉम्‍बे फाउंडेशन की वर्चुअल मीडिया साक्षरता प्रदर्शनी में 5000 वैश्विक आगंतुकों का आगमन

एनजीओ की मीडिया एकेडमी द्वारा परिकल्पित इस इवेंट में मीडिया, शिक्षा, सरकार और कॉर्पोरेट्स के पेशेवरों ने भाग लिया

मुंबई, 25 जनवरी 2020 : ऐसे समय में, जब मीडिया का परिदृश्‍य हर बच्‍चे की जिन्‍दगी में मौलिक भूमिका निभा रहा है। मुंबई के एनजीओ सलाम बॉम्‍बे फाउंडेशन की खास प्रदर्शनी, जिसका टाइटल ‘एज्‍युकेशन बियॉन्‍ड बुक्‍स- प्रैक्टिसिंग न्‍यू एज मीडिया लिटरेसी’ था, ने इस विषय पर एक बहुत अनूठा नजरिया दिया है।

वर्चुअल इवेंट सोमवार को इंटरनेशनल एज्‍युकेशन डे के अवसर पर लाइव स्‍ट्रीम हुआ था। इसका उद्घाटन प्रबुद्ध व्‍यक्तित्‍वों ने जैसे रीजनल एकेडमिक अथॉरिटी- मुंबई की डिप्‍टी डायरेक्‍टर सुश्री मनीषा पवार, बीएमसी के एज्‍युकेशन ऑफिसर श्री राजेश कंकल, व्हिसलिंग वूड्स इंटरनेशनल के वाइस प्रेसिडेंट एवं बिजनेस हेड श्री चैतन्‍य चिंचलीकर और न्‍यूज 18 लोकमत के श्री रोहन जोशी ने किया था। इस इवेंट की परिकल्‍पना और प्रबंधन सलाम बॉम्‍बे फाउंडेशन की मीडिया एकेडमी ने किया था। यह एकेडमी किशोरों को बढ़ावा देती है और उन्‍हें दो महत्‍वपूर्ण टूल्‍स– मंच और आवाज, देकर सामाजिक बदलाव का दूत बनने के लिये सक्षम करती है।

इस प्रदर्शनी में समाज पर मीडिया साक्षरता का प्रभाव और उसके कई विकसित होते मेकैनिज्‍म दिखाये गये थे। यह प्रदर्शनी काफी सफल रही और इसे 5000 ग्‍लोबल विजिटर्स मिले। इसमें उद्योग जगत की कई बड़ी हस्तियों और पेशेवरों ने भाग लिया, जो मीडिया, शिक्षा, सरकार और कॉर्पोरेट्स से थे। मुख्‍य फोकस था गलत सूचना को हटाकर स्‍टूडेंट्स को सामाजिक बदलाव का दूत बनने के लिये प्रेरित करना और उन्‍हें अपने समुदायों के भीतर सक्रिय नागरिकों के रूप में हिस्‍सा लेने के लिये प्रोत्‍साहित करना। इसी दिन ‘प्रैक्टिसिंग न्‍यू एज मीडिया लिटरेसी’ टाइटल के लाइव वेबिनार में जाने-माने पैनलिस्‍ट्स थे, जैसे टाइम्‍स ऑफ इंडिया की प्रिंसिपल कॉरेस्‍पोंडेन्‍ट सुश्री इशिता मिश्रा, सेठी कॉलेज में मास मीडिया के एचओडी श्री गजेन्‍द्र देवड़ा और सलाम बॉम्‍बे मीडिया एकेडमी के श्री संतोष बोदादे।

मंगलवार को ‘सिटिजन जर्नलिज्‍म– अ प्‍लेटफॉर्म फॉर योर वॉइस’ पर लाइव सेशन में बीएजी नेशनल मीडिया ग्रुप (न्‍यूज 24 और ई 24) के रेजिडेंट एडिटर श्री सचिन परब अतिथि वक्‍ता थे।

मुख्‍य थीम ‘एज्‍युकेशन बियॉन्‍ड बुक्‍स- प्रैक्टिसिंग न्‍यू एज मीडिया लिटरेसी’ के साथ यह ऑनलाइन प्रदर्शनी मीडिया एकेडमी के ट्रेनीज द्वारा तीन साल की प्रशिक्षण अवधि में ली गई कुशलताएं दिखाने और उन्‍हें मीडिया के भीतर कैरियर के विभिन्‍न विकल्‍पों से परिचित कराने के लिये थी। यह मुख्‍य रूप से विभिन्‍न स्‍तरों पर मीडिया संस्‍थाओं के साथ मिलकर काम करने और स्‍टूडेंट्स के लिये इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर निर्मित करने पर भी केन्द्रित थी।

इस प्रदर्शनी का मुख्‍य आकर्षण थे वे कई सत्र या स्‍टॉल्‍स, जिनमें मीडिया से जुड़े विभिन्‍न सेगमेंट पर चर्चा हुई और समझाइश दी गई, जैसे प्रिंट, इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया, सिटिजन जर्नलिज्‍म, फिल्‍में, रेडियो, सोशल मीडिया, फोटोग्राफी और एनजीओ का ड्रीमलैब प्रोजेक्‍ट।

सलाम बॉम्‍बे फाउंडेशन कई वर्षों से संसाधनों से वंचित शहरी किशोरों को जीवन और व्‍यावसायिक कुशलताओं से सशक्‍त कर रहा है, उन्‍हें भविष्‍य के लिये आकांक्षाएं गढ़ने के लिये प्रोत्‍साहित कर रहा है और स्‍कूली शिक्षा पूरी करने में उनकी मदद कर रहा है। यह इवेंट इन्‍हीं प्रयासों का एक विस्‍तार था, मुख्‍यरूप से इसलिये, क्‍योंकि इस एनजीओ द्वारा अपने स्‍टूडेंट्स को दी जाने वाली प्रमुख कुशलताओं में से एक मीडिया है।

इस अनूठी प्रदर्शनी के बारे में सलाम बॉम्‍बे फाउंडेशन में प्रोजेक्‍ट्स (आर्ट्स और मीडिया) की वाइस प्रेसिडेंट राजश्री कदम ने कहा, “हमारे देश के किशोर मीडिया के केवल उपभोक्‍ता नहीं है, बल्कि अपने समुदायों में तथ्‍यात्‍मक रूप से सही सूचना प्रसारित करने के लिये जिम्‍मेदार भी हैं। वे केवल सीखने वाले नहीं है, बल्कि सामाजिक बदलाव के दूत और सिटिजन जर्नलिस्‍ट भी हैं। हम इस मीडिया प्रदर्शनी का आयोजन मीडिया साक्षरता की ताकत और उसके विभिन्‍न मेकैनिज्‍म दिखाने के लिये कर रहे हैं। स्‍टूडेंट्स को अधिकार चाहिये, ताकि वे सामुदायिक स्‍तर पर सूचना के सही आदान-प्रदान के लिये व्‍यवहारिक चर्चाएं कर सकें। हमें खुशी है कि विभिन्‍न क्षेत्रों की उल्‍लेखनीय भागीदारी से इस साल का इवेंट अत्‍यंत सफल रहा।”

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