इमरान खान की रिहाई के लिए PTI का इस्लामाबाद मार्च शुरू, सरकार ने राजधानी में एंट्री रोकने की दी चेतावनी

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई और उनसे मुलाकात समेत कई मांगों को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने खैबर पख्तूनख्वा से इस्लामाबाद की ओर अपना लॉन्ग मार्च शुरू कर दिया है।

यह मार्च संघीय सरकार और विपक्ष के बीच कई घंटे चली बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त होने के बाद शुरू हुआ। PTI का काफिला रविवार, 4 अक्टूबर को खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मारवत स्थित गांडी चौक से रवाना हुआ और देर रात तक करक जिले में प्रवेश कर चुका था।

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार ने साफ किया है कि प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। राजधानी में सुरक्षा बढ़ाई गई है और कई स्थानों पर कंटेनर लगाए गए हैं।

सरकार और PTI की बातचीत रही बेनतीजा

सरकार और PTI के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दूसरा दौर शनिवार को शुरू हुआ और कई घंटों तक चला।

रिपोर्टों के मुताबिक, बातचीत रविवार तड़के करीब 3 बजे गतिरोध के साथ समाप्त हुई। दोनों पक्ष कई मुद्दों पर सहमति नहीं बना सके।

PTI के नेताओं ने इमरान खान से मुलाकात, उनकी चिकित्सा और अन्य राजनीतिक मांगों को बातचीत का अहम हिस्सा बताया। वहीं सरकार की ओर से खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और मार्च को रोकने जैसे मुद्दे उठाए गए।

बातचीत टूटने के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इसके लिए खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी को जिम्मेदार ठहराया। PTI ने सरकार के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उसकी प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बनी।

लक्की मारवत से शुरू हुआ हजारों समर्थकों का मार्च

PTI ने मार्च की शुरुआत लक्की मारवत के गांडी चौक से की। पार्टी के अनुसार, डेरा इस्माइल खान, टैंक, उत्तर और दक्षिण वजीरिस्तान तथा बन्नू समेत कई जिलों के समर्थक यहां काफिले में शामिल हुए।

सोहैल अफरीदी ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी अपने राजनीतिक और संवैधानिक अधिकारों के लिए मार्च जारी रखेगी। PTI का कहना है कि इसका प्रमुख उद्देश्य जेल में बंद इमरान खान की रिहाई के लिए दबाव बनाना है।

इस तरह आगे बढ़ेगा PTI का काफिला

PTI की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक मार्च को चरणबद्ध तरीके से इस्लामाबाद की ओर बढ़ाया जा रहा है।

4 अक्टूबर को काफिला लक्की मारवत से रवाना होकर करक के पास रुका।

5 अक्टूबर को दोपहर करीब 12:30 बजे काफिले को करक से रवाना होकर कोहाट के पास रुकना है।

6 अक्टूबर को कोहाट, हंगू, कुर्रम और ओरकजई से समर्थकों के शामिल होने के बाद मार्च पेशावर की ओर बढ़ेगा और मत्तानी के पास रात बिताएगा।

7 अक्टूबर को काफिला पेशावर के बुध बैर से रवाना होगा। अन्य समर्थकों को कोहाट रोड ब्रिज और मोटरवे टोल प्लाजा पर मार्च में शामिल होना है।

8 अक्टूबर को चरसद्दा और मोहम्मद जिले के समर्थक काफिले में शामिल होंगे। इसके बाद खैराबाद में बड़े जमावड़े की योजना है, जहां PTI नेतृत्व मार्च के अगले चरण की रणनीति घोषित करेगा।

इस्लामाबाद में धारा 144, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

PTI के मार्च को देखते हुए इस्लामाबाद में धारा 144 लागू है। राजधानी प्रशासन ने लोगों को गैरकानूनी सभाओं और गतिविधियों में शामिल न होने की चेतावनी दी है।

सरकार ने मार्च से पहले राजधानी में अतिरिक्त पुलिस और रेंजर्स की तैनाती की तैयारी की है। इस्लामाबाद प्रशासन ने 3,000 पाकिस्तान रेंजर्स कर्मियों की तैनाती बढ़ाने की भी मांग की थी।

सड़कों के आसपास बड़ी संख्या में शिपिंग कंटेनर भी रखे गए हैं। हालांकि पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि सभी सड़कें बंद करने की खबरें सही नहीं हैं और कंटेनर सुरक्षा एहतियात के तौर पर लगाए गए हैं।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के राजनीतिक मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने कहा है कि PTI के मार्च को इस्लामाबाद में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कंटेनरों की वजह से सरकार पर बढ़ा आर्थिक बोझ

मार्च को रोकने के लिए बड़ी संख्या में कंटेनरों के इस्तेमाल का असर पाकिस्तान के परिवहन और व्यापार पर भी पड़ा है।

Reuters के मुताबिक, सितंबर में 2,000 से अधिक वाहनों और कंटेनरों को सुरक्षा इंतजामों के लिए लिया गया था। इसके कारण माल ढुलाई प्रभावित हुई और कई जगह सामान की आवाजाही में देरी हुई।

Dawn की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद में प्रदर्शन से निपटने के लिए लगाए गए करीब 1,550 कंटेनरों पर सरकार को प्रतिदिन लगभग 4.65 करोड़ पाकिस्तानी रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।

पहले 27 सितंबर को निकलना था मार्च

PTI ने शुरुआत में इस्लामाबाद मार्च के लिए 27 सितंबर की तारीख तय की थी।

हालांकि सरकार की सुरक्षा तैयारियों और पार्टी की रणनीतिक समीक्षा के बाद इसे टालकर 4 अक्टूबर कर दिया गया। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी ने इसकी घोषणा की थी।

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और इस समय रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।

उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, सरकारी उपहारों, हिंसा से जुड़े आरोपों और अन्य मामलों समेत 100 से अधिक केस दर्ज किए गए हैं। उनकी कई सजाएं बाद में निलंबित या रद्द भी हुई हैं, जबकि कई मामलों में अपील और कानूनी कार्यवाही जारी है। इमरान खान इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं।

स्वास्थ्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश

इमरान खान की आंखों से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर भी हाल के महीनों में विवाद बढ़ा था।

18 अगस्त 2026 को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इलाज के लिए इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने का आदेश दिया था। उनके वकीलों ने एक आंख की रोशनी प्रभावित होने की बात अदालत के सामने रखी थी।

PTI की मौजूदा मांगों में इमरान खान को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और पार्टी नेताओं तथा परिवार को उनसे मुलाकात की अनुमति देना भी शामिल है।

क्या इस्लामाबाद तक पहुंच पाएगा PTI का मार्च?

फिलहाल मार्च अपने शुरुआती चरण में है और PTI ने 8 अक्टूबर तक का रूट सार्वजनिक किया है। इस्लामाबाद पहुंचने के अंतिम चरण की पूरी योजना अभी घोषित नहीं की गई है।

सरकार प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश न देने की बात कह रही है, जबकि PTI मार्च जारी रखने पर अड़ी है। ऐसे में आने वाले दिनों में खैराबाद और पंजाब की सीमा के आसपास की स्थिति तय करेगी कि काफिला इस्लामाबाद की ओर आगे बढ़ पाएगा या उसे रास्ते में रोक दिया जाएगा।

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