उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रयागराज में महाकुंभ क्षेत्र के आसपास एक नया जिला बनाने की घोषणा की है। नए स्थापित जिले का आधिकारिक नाम महाकुंभ मेला रखा गया है। इस कदम का उद्देश्य जनवरी 2025 में होने वाले आगामी कुंभ मेले के लिए प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना और संचालन को सुव्यवस्थित करना है। अधिकारियों का मानना है कि इस रणनीतिक कदम से बेहतर समन्वय और प्रशासन की सुविधा होगी जो तीर्थयात्रियों के साथ-साथ हितधारकों के अनुभव को बढ़ाएगा।
चार तहसील क्षेत्रों के 67 गांवों को मिलाकर यह नया जिला बनाया गया है। इस अस्थायी जिले में प्रशासन उसी तरह काम करेगा जैसे सामान्य जिलों में करता है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नए जिले में अस्थायी तौर पर थाने और चौकियां बनाई जाएंगी। इसे सिर्फ चार महीने के लिए बनाया गया है, मेले के सकुशल संपन्न होने के बाद ये जिला अपने आप खत्म हो जाएगा।
महाकुम्भ मेला जनपद में मेलाधिकारी, कुम्भ मेला, प्रयागराज को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-14(1) एवं अन्य सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कार्यपालक मजिस्ट्रेट, जिला मजिस्ट्रेट एवं अपर जिला मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्राप्त होंगी। उसे उक्त संहिता या किसी अन्य तत्समय प्रवृत्त विधि के अन्तर्गत जिला मजिस्ट्रेट की समस्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा सभी श्रेणी के मामलों में कलेक्टर की समस्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा उक्त जनपद में अपर कलेक्टर की नियुक्ति करके उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (यथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2016 (उ.प्र. अधिनियम संख्या 4, 2016) द्वारा संशोधित) की धारा-12 एवं अन्य सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कलेक्टर के समस्त कार्यों का निष्पादन करने का अधिकार होगा।

