वास्को डी गामा पुर्तगाल के एक बहुत ही प्रसिद्ध नाविक थे। वह समुद्र मार्ग से भारत की यात्रा करने वाले पहले व्यक्ति थे। उनसे पहले कभी कोई दूसरे देश से भारत नहीं आया था। क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि वास्को डी गामा भारत कब आये थे? यदि आप नहीं जानते तो इस लेख के अंत तक पढ़ते रहें। इस लेख में हम वास्को डी गामा की भारत यात्रा के बारे में जानेंगे। पता लगाया जाएगा कि वह कब-कब भारत आये और कितनी बार आये। तो चले शुरू करे!
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वास्कोडिगामा कौन था? | Who was Vasco da Gama?
वास्को डी गामा का जन्म बहुत समय पहले पुर्तगाल में 1469 में हुआ था। वे खोजकर्ता और नाविकों के परिवार से थे। उनके परिवार को नई जगहों की खोज करना और बड़े जहाजों पर यात्रा करना पसंद था। उनके पिता नौकायन में बहुत प्रसिद्ध थे। शायद वास्को डी गामा ने शिक्षा में नेविगेशन और गणित से संबंधित शिक्षा प्राप्त की थी। उसके बाद, वह पुर्तगाली नौसेना में एक कमांडर के रूप में नियुक्त किये गए और 1497 में भारत को खोजने के लिए एक विशेष मिशन पर जाने के लिए उन्हें चुना गया।
वास्कोडिगामा भारत कब आया था?
वास्को डी गामा वास्कोडिगामा 30 मई 1498 को भारत आया था। उन्होंने अपनी यात्रा जुलाई 1497 में शुरू की और 9 महीने तक समुद्री यात्रा करने के बाद मई 1498 में भारत पहुंचे। वह पुर्तगाल के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने भारत की खोज की जिससे भारत और यूरोप के लोगों के लिए एक-दूसरे के साथ व्यापार करना आसान बना दिया। वास्को डी गामा भारत जाने का सीधा समुद्री रास्ता खोजना चाहता था, भारत की खोज में कई बार वह अन्य देश एवं महादेश पहुंचा। लेकिन अंत में, उन्हें समुद्र के किनारे एक विशेष रास्ता मिल गया जो भारत से सीधे यूरोप देश तक जाता था। वह 20 मई, 1498 को भारत के कालीकट नामक शहर में पहुंचे और तभी उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने भारत की खोज कर ली है।
वास्कोडिगामा भारत कितनी बार आया?
प्रसिद्ध खोजकर्ता वास्को डी गामा ने तीन बार भारत का दौरा किया। वह पहली बार भारत की खोज के लिए भारत आये थे और यह 1497 और 1498 के बीच हुआ था। इस यात्रा के दौरान, वह केवल 170 सैनिकों को साथ लाए थे। वास्को डी गामा एक कप्तान थे जिन्होंने 4 जहाजों और लगभग 170 लोगों के साथ लिस्बन से रवाना हुए थे। 1497 में पुर्तगाल के राजा मैनुअल फर्स्ट ने उन्हें समुद्र के रास्ते भारत पहुंचने का नया रास्ता खोजने के लिए एक बड़े साहसिक कार्य पर जाने के लिए कहा था। और इसी वजह से वास्को डी गामा ने भारत की खोज की थी।
भारत की दूसरी यात्रा | Vasco da Gama Second trip to India
वास्को डी गामा ने 1502 में फिर से भारत का दौरा किया। उन्हें पुर्तगाली सरकार द्वारा भारत का प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया और क्षेत्र में मसाला व्यापार पर पुर्तगाली नियंत्रण स्थापित करने के लिए भेजा गया था।
अपनी यात्रा के दौरान वास्को डी गामा भारत में कालीकट नामक स्थान पर पहुंचे। उसे वहां के शासक, ज़मोरिन, से शत्रुता पूर्ण स्वागत का सामना करना पड़ा।
अपनी यात्रा पर, वास्को डी गामा पूर्वी अफ्रीकी तट पर गए और किलवा साम्राज्य जैसे विभिन्न अफ्रीकी राज्यों से मुलाकात की।
1503 में वास्को डी गामा ढेर सारे स्वादिष्ट मसाले और कुछ अन्य मूल्यवान चीजें लेकर पुर्तगाल वापस चला गया। इस तरह वह दूसरी बार भारत में एक साल के लिए आया।
भारत की तीसरी यात्रा | Vasco da Gama Third trip to India
वास्कोडिगामा ने भारत की तीसरी यात्रा य कहे की अंतिम यात्रा सन 1524 में की। वह वायसराय के रूप में पुर्तगाल से भारत आया था। इस यात्रा के दौरान, भारत में एक बीमारी फैल गई जिसके कारण वास्को डी गामा बीमार हो गए और उनका निधन हो गया।
निष्कर्ष | Conclusion
आज हमने इस आर्टिकल में जाना कि वास्कोडिगामा भारत कब आया? उम्मीद है कि आपको वास्को डा गामा के भारत यात्रा के बारे में काफी जानकारियां मिल पाई होगी।

