यहां पर मिलने वाला चमड़ा बहुत ही उच्च गुणवत्ता का होता है, जिसके चलते इसकी पूरी दुनिया में पहचान है।
यहां से नेशनल ही नहीं बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर चमड़े का व्यापार किया जाता है।
कानपुर में चलने वाला यह चमड़ा उद्योग कोई आज से नहीं चल रहा बल्कि ये यहां पर ब्रिटिश काल से मौजूद है।
इसकी शुरुआत ब्रिटिश आने की थी लेकिन धीरे-धीरे इसमें भारतीयों की एंट्री हुई और यह आगे बढ़ता चला गया।
कानपुर के पेच बाग में सबसे ज्यादा चमड़े का व्यापार किया जाता है।
यहां बड़े-बड़े ट्रक के जरिए चमड़े पहुंचाए जाते हैं फिर इन्हें नमक लगाकर रखा जाता है और आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाता है।