18 जुलाई से मलमास के साथ सावन माह की शुरुआत होने जा रही है, जिसे अधिक मास या पुरूषोत्तम मास भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस महीने को बेहद पवित्र माना जाता है। इस महीने में लोग अपनी आस्था और शक्ति के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं। साथ ही कई लोग सात्विक भोजन का सेवन करते हैं। सात्विक भोजन में लोग लहसुन-प्याज का सेवन नहीं करते हैं। ऐसे में जब बारिश का मौसम चल रहा हो और रिमझिम बारिश में आपका गर्मागर्म पकौड़े या भजिया खाने का मन हो, लेकिन आप इसे खा नहीं पाते क्योंकि यह प्याज और लहसुन से बना होता है, तो आज हम आपके लिए दो तरह के पकौड़े की रेसिपी लेकर आए हैं. . जिसे आप बिना प्याज और लहसुन के भी बना सकते हैं.
लौकी की पकौड़ी
आप सावन में लौकी के कुरकुरे पकौड़े बना सकते हैं. लौकी के पकौड़े बनाने के लिए लौकी को छीलकर साफ कर लीजिये और बारीक कद्दूकस कर लीजिये या गोल आकार में बारीक काट लीजिये. – काटने के बाद इसे पानी में धोकर पोंछ लें. – अब एक बाउल में 3-4 चम्मच बेसन लें, इसमें लाल मिर्च, हरी मिर्च, हरा धनिया, नमक और एक चुटकी ईनो डालकर अच्छी तरह मिला लें. – एक पैन में रिफाइंड तेल डालें और तेल को गर्म होने के लिए रख दें. जब तेल गर्म हो जाए तो इसमें बारीक कटी हुई लौकी को डुबाकर तेल में डाल दीजिए. कुरकुरा होने तक बेक करें और नींबू के अचार के साथ गरमागरम परोसें।
आलू की पकौड़ी
आप सभी ने आलू पकौड़ा तो खाया ही होगा, लोग इसे कई तरह से बनाते हैं लेकिन आप इसे बहुत ही सरल तरीके से बना सकते हैं. आलू के पकौड़े बनाने के लिए इसे छीलकर गोल आकार में काट लीजिए और पानी में डुबाकर रख दीजिए. – अब पकौड़ी बनाने के लिए एक बाउल में तीन से चार चम्मच बेसन डालें और इसमें नमक, ईनो, अजवाइन, हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर मिला लें. – पकौड़ी तलने के लिए पैन में रिफाइंड तेल गर्म होने के लिए रख दीजिए. – तेल गर्म होने पर इसमें पकौड़े डालकर अच्छे से सुनहरा होने तक तल लें. इसी तरह बचे हुए आलू को भी बेसन में डीप फ्राई कर लीजिए. बेक करने के बाद दही चटनी, केचप या नींबू के अचार के साथ परोसें.
ये दोनों तरह के पकौड़े पूरी तरह से सात्विक हैं, जो बिना लहसुन-प्याज के बनाए जाते हैं. इसमें व्रत वाले नमक का प्रयोग करके इसे व्रत करने वाले लोगों के लिए भी बनाया जा सकता है.

