उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा ने समाजवादी पार्टी के दोनों गढ़ों में ज़बरदस्त सेंध लगाई है, रामपुर के नतीजे आ चुके हैं और वहां सपा और आज़म खान का किला ढह चूका है. बीजेपी उम्मीदवार घनश्याम लोधी ने यहाँ करीब 40 हजार मतों के अंतर से कामयाबी हासिल की है, उन्होंने समाजवादी पार्टी के आसिम रज़ा को हराया है. वहीँ आजमगढ़ सीट पर भी बीजेपी के उम्मीदवार दिनेश लाल यादव सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाई धर्मेंद्र यादव से आगे चल रहे हैं.
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बता दें कि यूपी की दो लोकसभा सीटों रामपुर और आजमगढ़ उपचुनाव के लिए 23 जून को हुए वोट पड़े थे और आज इनकी गिनती हो रही है. 2019 में हुए आम चुनावों में रामपुर और आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी को जीत मिली थी लेकिन उपचुनाव में रामपुर में सपा की हार पार्टी और आज़म खान के लिए एक बड़ा झटका है. रामपुर की सीट आज़म खान के विधायक बनने की वजह से खाली हुई थी वहीँ आजमगढ़ लोकसभा सीट से अखिलेश यादव के करहल से विधानसभा चुनाव जीतने के बाद दिए इस्तीफे के कारन रिक्त हुई थी. गौरतलब है कि ये चुनाव समाजवादी पार्टी के लिए बहुत अहम् थे, रामपुर से उनका सम्मान नहीं बच सका वहीँ मिल रही ख़बरों के मुताबिक आजमगढ़ में भाजपा लगातार बढ़त बनाये हुए है और नतीजे सपा के खिलाफ आ सकते हैं.
बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी की सुनामी में सपा को बड़ा झटका लगा था, जिन पांच सीटों पर से उम्मीदवार जीते थे उनमें यह दोनों सीटें भी थी. आजमगढ़ से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा के निरहुआ को भारी अंतर से हराया था, वहीँ रामपुर में आज़म खान का जलवा बरकरार रहा था. यह भी बता दें कि पिछले विधानसभा चुनावों में आज़मगढ़ की सभी सीटों पर सपा का परचम लहराया था. अखिलेश यादव को इन दोनों सीटों पर अपनी जीत का इतना भरोसा था कि वह दोनों चुनाव क्षेत्रों में प्रचार करने नहीं गए थे. वैसे कुछ लोग इसे आत्मविश्वास नहीं सियासी साज़िश मानकर चल रहे हैं. बता दें कि अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनावों में इन सीटों पर कामयाब हुए लोगों के वोट बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं और इसलिए बीजेपी ने इन चुनावों को जीतने के लिए जी जान लगा दिया था.

