Maharashtra CM Swearing Ceremony: डिप्टी सीएम बन फडणवीस ने फिर चौंकाया, शिंदे ने ली CM पद की शपथ

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महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक संकट का फिलहाल अंत हो गया है, सुबह बातें सामने आयी थीं कि दोपहर बाद राज्यपाल से मिलकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे और तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे जबकि शिवसेना से बगावत करने वाले एकनाथ शिंदे उप मुख्यमंत्री बनेंगे। राज्यपाल को पेश दावे के बाद प्रेस वार्ता में पता चला कि फडणवीस नहीं शिंदे मुख्यमंत्री होंगे और फडणवीस सरकार में नहीं रहेंगे लेकिन शाम को जब शपथ हुई तो एकबार फिर लोग चौंके क्योंकि एकनाथ शिंदे ने तो मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली लेकिन दो बार मुख्यमंत्री रहे फडणवीस ने उनके सहयोगी यानि उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. 

राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी ने दोनों को शपथ दिलाई। इस मौके पर शिवसेना और बीजेपी के कई नेता भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद एकनाथ शिंदे ने कहा कि कैबिनेट का गठन अगले कुछ दिनों में होगा। इससे पहले दोपहर तीन बजे देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे ने राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें सरकार बनाने का प्रस्ताव सौंपा था. पता चला है कि फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ पार्टी आला कमान के दबाव में लिया है. कहा जा रहा ही कि फडणवीस ही उद्धव सरकार को गिराने के मास्टरमाइंड हैं ऐसे में उनका उप मुख्यमंत्री बनना उनके लिए किसी झटके से कम नहीं है. राजनीतिक विश्लेषक भाजपा के इस फैसले को दूर की राजनीति के तौर पर देख रहे हैं और कहा जा रहा है कि सरकार में वह भले ही दूसरे नंबर होंगे लेकिन हैसियत उनकी पहले नंबर की ही होगी। 

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बता दें कि शिवसेना के कद्दावर नेता रहे एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी के 39 विधायकों के साथ बगावत की थी और विधायकों को लेकर पहले गुजरात के सूरत और फिर असम के गुवाहाटी पहुंचे थे और वहीँ से उद्धव सरकार को गिराने का खेल शुरू किया था, इस मामले में भाजपा ने उनकी पूरी मदद की थी जिसका पूरा ज़िम्मा महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उठाये हुए थे. माना जा रहा था कि फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए फड़फड़ा रहे हैं और शिंदे को बगावत पर उकसाने में उन्हीं का हाथ है लेकिन नई बनी हुई परिस्थियों में फडणवीस के सपने को बहुत बड़ा धक्का लगा, पहले खबर आयी कि फडणवीस सरकार में शामिल नहीं होंगे जिसका मतलब यह भी लगाया जा रहा था कि भाजपा शायद शिंदे सरकार को बाहर से समर्थन देगी लेकिन शपथ ग्रहण तक एकबार फिर नया ट्विस्ट आया और फडणवीस को भी शिंदे के साथ शपथ लेते देखा गया. इसका मतलब अब यह सिर्फ शिंदे सरकार नहीं है. अब सवाल यह है कि भाजपा ने किस पार्टी के साथ गठबंधन सरकार बनाई है क्योंकि अभी शिंदे गुट को कोई राजनीतिक नाम नहीं मिला है.

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