गुजरात की तरह एक और भाजपा शासित राज्य हिमाचल प्रदेश में भी चुनाव की तैयारियां शबाब पर चल रही हैं. यह अलग बात है कि पीएम मोदी की वजह से गुजरात ज़्यादा चर्चा में और राजनीतिक पार्टियों का फोकस भी वहां ज़्यादा है, लेकिन कांग्रेस पार्टी केलिए हिमाचल प्रदेश का चुनाव भी गुजरात से कम महत्वपूर्ण नहीं है. आज़ादी के बाद 10 बार इस पहाड़ी राज्य में सत्ता में रह चुकी कांग्रेस पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए आज अपने 10 वादों का एलान किया है.
कांग्रेस पार्टी की तरफ से जारी इस संकल्प पत्र मुख्य रूप से 10 बातों की गारंटी देने की बात कही गई है। जिसमें सबसे पहली गारंटी पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली है, इसके अलावा महिलाओं के लिए हर महीने 1500 रु, 300 यूनिट हर महीने मुफ्त, सरकार बनने पर 5 लाख रोज़गार पैदा करना, फलों और फसलों के सही दाम तय करना, 680 करोड़ रु के स्टार्ट-अप फंड बनाना, मोबाइल क्लीनिक से गाँव गाँव इलाज पहुँचाना, हर विधानसभा क्षेत्र में अंग्रेजी मीडियम के चार स्कूल बनाने की बात, हर रोज़ गाय-भैंस पालकों से 10 लीटर दूध खरीदने और 2 रु किलो में गोबर खरीदने का वादा किया गया है।
अभी हाल ही में आम आदमी पार्टी ने भी हिमाचल में 5 लुभावने वादे किए थे लेकिन कांग्रेस ने आगे बढ़ते हुए 10 गारंटियों का ऐलान कर दिया है. बता दें कि पंजाब में सफलता के बाद आम आदमी पार्टी की नज़र उन छोटे राज्यों पर है जहाँ पर वह कांग्रेस पार्टी का विकल्प बन सकती है. गुजरात हो या हिमाचल प्रदेश अरविन्द केजरीवाल दोनों ही जगह बार बार लोगों से विकल्प की बात को दोहराते हैं, उनका सारा ज़ोर इस बात पर होता है कि पहले आपके पास विकल्प नहीं था लेकिन अब आप के रूप में विकल्प आपके पास मौजूद है.

