बिहार में भी हो मदरसों का सर्वे: गिरिराज सिंह

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पिछले कुछ सालों से मदरसों को लेकर भाजपा सरकारें और उनके नेता बहुत चिंतित रहते हैं, उनके चिंता की वजह बकौल उनके मदरसों में शिक्षा के स्तर को सुधारना होता है. भाजपा नेताओं का कहना है कि मदरसों में अच्छी शिक्षा नहीं मिल रही है इसलिए  ऐसे मदरसों को बंद कर देना चाहिए। भाजपा के बयानवीर नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी अब बिहार में मदरसों के सर्वे की मांग उठाई है. गिरिराज का कहना है कि यूपी की तर्ज़ पर बिहार में भी मदरसों का सर्वे हो क्योंकि बिहार में पिछले कुछ सालों में मदरसों की संख्या काफी बढ़ गयी है और इन मदरसों का सम्बन्ध रोहिंग्या मुसलमानों अपर PFI से जुड़े लोगों से है. 

गिरिराज का कहना है बिहार के सीमांचल इलाके में देखा जाय तो मदरसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, इन मदरसों में शिक्षा का स्तर बहुत नीचे है, इन मदरसों में रोहिंग्या मुसलमान और PFI के सदस्य शिक्षा ग्रहण करते हैं, ज़रुरत हैं इनकी पहचान कर इन्हे देश से बाहर करने की है. गिरिराज ने कहा कि योगी सरकार ने इस बारे मदरसों के सर्वे कराने का बहुत अच्छा कदम उठाया है, अब बिहार में भी मदरसों के सर्वे कराने की बहुत ज़रुरत है.    

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गिरिराज की ओर से बिहार में मदरसों के सर्वे की मांग ऐसे समय पर आयी हैं जब यूपी में इसी मुद्दे पर सियासी घमासान मचा हुआ है. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ के इस कदम को मिनी NRC करार दिया है. गिरिराज कहा रहे हैं कि वह मदरसों का सर्वे इसलिए चाहते हैं ताकि वहां विज्ञानयुक्त अच्छी पढ़ाई हो. गिरिराज ने सवाल किया कि क्या मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों मैथ्स और साइंस पढ़ने का अधिकार नहीं है. क्या मुसलमानों के बच्चों को आईएएस, आईपीएस बनने का अधिकार नहीं है? क्या सिर्फ असदुद्दीन ओवैसी को बैरिस्टर बनने का अधिकार है? गिरिराज ने कहा कि दरअसल ओवैसी जैसे लोग जानते हैं कि मुसलमान अगर पढ़ा लिखा हो जायेगा तो उनके झांसे में नहीं आएगा.

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