मेरठ – कोविड 19 से कई देश प्रभावित है. बचाव ही इसका एकमात्र इलाज है. बचाव का एक कारगर तरीका मास्क भी है.मॉस्क कोरोना ही नहीं बल्कि अन्य कई बीमारियों से भी बचाता है. फ्लू जैसी बीमारियों से बचाता है सीजनल फ्लू, जिसकी चपेट में हर साल तमाम लोग आ जाते हैं, मॉस्क उससे भी बचाव का एक जरिया है.फ्लू ही क्यों टीबी के संक्रमण से बचने के लिए भी मॉस्क जरूरी है.
खांसने और छींकने से निकली बूंदों के संपर्क में आने से कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है. मास्क को यूज़ करने केबाद मास्क को खुले में बिल्कुल नहीं फेंके. इससे दूसरे स्वस्थ व्यक्ति के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है.
क्या बोले सीएमओ?
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजकुमार ने बताया कोविड-19 वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है. मास्क पहनने से किसी संक्रमित व्यक्ति से हवा में मौजूद थूक की बूंदों के माध्यम से कोरोना वायरस के श्वसन तंत्र में प्रवेश करने की आशंका कम हो जाती है. इसलिए घर से निकलते ही मास्क जरूर पहनें.उन्होंने कहा कि इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि प्रयोग किया गया मास्क खुलें में न फेंकें, इससे कोई दूसरा स्वस्थ व्यक्ति संक्रमित हो सकता है. कैसे करें डिस्पोज? प्रयोग किये गये मास्क को सामान्य ब्लीचिंग पाउडर के पांच प्रतिशत घोल या एक प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोराइट घोल से अच्छी तरह से विसंक्रमित करने के बाद जलाकर या गहरे गड्ढे में मिट्टी में दबाकर डिस्पोज करना चाहिय
कैसे बनाएं मास्क?
घर पर मास्क बनाने के लिए कपड़े का एक चौकोर टुकड़ा लें और इसे चौड़ाई में लगभग तीन इंच के आयत में मोड़ें.इसके बाद कपड़े के दोनों तरफ इलास्टिक बैंड लगाएं.अब, बाहरी किनारों को केंद्र की तरफ मोड़ें और इसे दोनों तरफ फैलाएं. मास्क तैयार हो जाता है.मास्क को साबुन और गर्म पानी से धोएं, और धूप में कम से कम पांच घंटे तक सूखने दें.यदि धूप नहीं है तो मास्क को एक प्रेशर कूकर में डालें और कम से कम 10 मिनट तक उबालें और सुखा दें.पानी में नमक डालना बेहतर होगा.प्रेशर कूकर न होने पर कपड़े के मास्क को 15 मिनट तक गर्म पानी में उबाल सकते हैं.

