Home Loan लेने से पहले जान ले फ्लोटिंग रेट और फिक्सड रेट !

होम लोन के जरिये अपने सपनों का घर बना पाते हैं। लेकिन होम लोन लेते समय हमें इससे जुड़ी कई तरह की बातें जान लेनी चाहिये।

बता दें कि होम लोन लेने के बाद लंबे समय तक ब्याज देना होता है। आज हम आपको होम लोन से जुड़े ब्याज चुकाने के मोड फ्लोटिंग रेट और फिक्स्ड रेट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देने वाले हैं।

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क्या होता है फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट

फ्लोटिंग रेट लोन का अर्थ होता है जिस पर रेपो रेट या मार्केट की ब्याज दर का असर पड़ता है।

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बता दें कि अगर रिजर्व बैंक रेपो रेट में बदलाव करता है तो फ्लोटिंग रेट में भी बदलाव देखने को मिलता है।

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अगर आप इस तरह का लोन लेते हैं तो रेपो रेट बढ़ने से इस ब्याज की दर भी बढ़ेगी।

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इसी के साथ ही अगर रेपो घटता है तो ब्याज दर भी घटेगी।

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फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट लोन

फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट लोन लेने से पहले ब्याज की एक दर निश्चित कर दी जाती है।

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अगर फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट लोन को लेते हैं तो लोन चुकाने की पूरी अवधि में कितनी ईएमआई आयेगी, इसके बारे में पता होगा।

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दोनों में खास अंतर

फ्लोटिंग रेट होम लोन की ब्याज दर भविष्य में कभी भी बढ़.घट सकती हैं जो रिजर्व बैंक की ओर से तय रेपो रेट पर निर्भर करता है।

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वहीं अगर आप ऐसे में फिक्स्ड रेट पर होम लोन लेते हैं तो ब्याज दर आगे कम होने पर आपको अधिक लाभ नहीं मिलेगा।

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