आज हम आपको बताने जा रहे हैं भारत के खूबसूरत गुरुद्वारों के बारे में जहां के नजारों के साथ-साथ खूबसूरत वास्तुकला का अनोखा संगम देखने को मिलता है।
यह गुरुद्वारा गुरु नानकजी की याद में बनाया गया है। यहां शांति और आध्यात्मिकता का अलग ही अनुभव होता है। इस गुरुद्वारे के आसपास से कई सारे ट्रेक शुरू होते हैं।
यमुना नदी के किनारे स्थित यह गुरुद्वारा सिखों के लिए दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी की याद में निर्मित यह महत्वपूर्ण ऐतिहासिक गुरुद्वारा है। स्थानीय लोगों के अनुसार गुरु गोबिंद सिंह चार साल यहां रुके थे।
शिवालिक पर्वत के किनारे मौजूद तख्त श्री केशगढ़ साहिब स्थित है। यह वह जगह है जहां अंतिम दो सिख गुरु रुके थे और जहां गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी।
चारों तरफ बर्फीले पहाड़ों से घिर हुआ ये गुरुद्वारा आपके मन को अलग शांति देगा। यह जगह हिमालय में लगभग 4650 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और ऋषिकेश से लगभग 275 किलोमीटर की दूरी पर है।