सांसद साक्षी महाराज ने राकेश टिकैत के बयान की निंदा की
कहा कि हिन्दुस्तान में सिर्फ सरदार ही किसान नहीं हैं
मेरठ। राकेश टिकैत नेता हैं इसलिये राजनीति कर रहे हैं। मगर किसी की आस्था के साथ खिलवाड़ करना सही नहीं है। मंदिर और पूजा पर अंगुली उठाना अनुचित है। इस तरह के बयान को भारत की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। यह कहना हैं उन्नाव के भाजपा सांसद साक्षी महाराज का जो हरिद्वार में कुंभ मेले की तैयारियों का निरीक्षण कर दिल्ली जाने के दौरान मेरठ में रूके। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने किसान आंदोलन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हिन्दुस्तान में सिर्फ सरदार ही किसान नहीं हैं। किसान तो खेतों मे काम कर रहा है।
मेरठ के सदर स्थित शनि पीठाधीश्वर महेंद्र दास जी के आवास पर पहुंचे सांसद साक्षी महाराज ने कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों को तथाकथित किसान बताते हुए कहा कि यूपी और सिंधु बार्डर पर जाकर देखना चाहिये कि प्रर्दशन कर रहे लोग कहां के किसान हैं। देश में सिर्फ सिंधु बार्डर पर उत्पात हो रहा है जबकि असली किसान तो अपने खेतों में कार्य कर रहा है। हिंदुस्तान में सिर्फ सरदार ही किसान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश का किसान इस आंदोलन में शामिल नहीं है।
राकेश टिकैत के ब्राहमण समाज पर की गयी टिप्पणी को लेकर साक्षी महाराज ने कहा कि मंदिर और पूजा पर उंगली उठाना बेहद अनुचित है। उन्होंने तीखे स्वर में कहा कि चाहे हिंदू न रहो, किसी भी धर्म में चले जाओं मगर इस तरह के बयान को भारत की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
मुसलमानों का अल्पसंख्यक का दर्जा समाप्त होना चाहिए
सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि देश के विभाजन के समय पाकिस्तान में पांच करोड़ हिंदू और हिन्दुस्तान में दो करोड़ मुसलमान रहते थे। आज पाकिस्तान में हिंदुओं की संख्या 50 लाख भी नहीं है और हिन्दुस्तान में 32 करोड़ मुसलमान रहते हैं। ऐसे में मुसलमानों को दिया गया अल्पसंख्यक का दर्जा समाप्त किया जाना चाहिये। सांसद ने कहा, राष्ट्रहित में हमारी मांग है कि हिंदू बड़ा भाई और मुसलमान छोटा भाई की तरह रहें। उन्होंने लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने वाले योगी आदित्यनाथ को सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री बताया।

