जाने काली बिल्ली का दिखना क्यों माना जाता है अशुभ?

सनातन धर्म में जानवरों को महत्वपूर्ण माना गया है। लोग कुछ जानवरों को शुभ और कुछ को अशुभ मानते हैं।

इन्हीं में से एक बिल्ली को लेकर अक्सर शुभ और अशुभ जैसे सवाल उठते रहते हैं।

बता दें कि, धर्म शास्त्र के अनुसार, बिल्ली मां लक्ष्मी की बहन अलक्ष्मी का वाहन है। अलक्ष्मी दरिद्रता की देवी मानी जाती हैं।

बिल्ली का घर में प्रवेश करना अशुभ माना जाता है खासतौर पर काली बिल्ली। वहीं, कुछ जगहों पर बिल्ली को शुभ माना जाता है।

दक्षिण भारत में बिल्ली को शुभ माना जाता है। यहां की सभ्यता में बिल्‍ली को बुरी शक्तियों से व्यक्ति की रक्षा करने वाला बताया गया है।

इसके प्रतीक के तौर पर कर्नाटक के मांड्या जिले से 30 किलोमीटर दूर बेक्का लेले गांव में एक हजार साल पुराना बिल्ली का एक मंदिर बना हुआ है। जहां बिल्लियों की पूजा होती हैं।

फेंगशुई मान्यताओं के अनुसार बिल्ली को घर में रखना शुभ बताया गया है। ऐसा कहा जाता है कि सफेद बिल्ली पालने से आर्थिक स्थितियां सुधरती हैं।

वही, हिन्दू धार्मिक शास्त्रों में काली बिल्ली को बहुत ही अशुभ माना गया है। इन्हें काली शक्तियों का प्रतीक माना जाता है।

धार्मिक ग्रंथ नारद पुराण के अनुसार बिल्ली के घर में बार-बार आने को शुभ नहीं माना गया है।

शास्त्रों के मुताबिक बिल्ली का घर में रखा दूध पी जाना या फिर उसमें मुंह मार देना धन हानि का संकेत होता है।

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