Kashmir में मुझे ग्रेनेड नहीं प्यार मिला: राहुल गाँधी

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राहुल गांधी ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस यात्रा के दौरान कश्मीर में अगर मेरी टी-शर्ट का रंग लाल भी हो जाता तो भी मैं तैयार था। राहुल ने कहा कि जब में कश्मीर आ रहा था तब प्रशासन ने मुझसे कहा था कि आपको यहाँ गाड़ी में चलना चाहिए, पैदल चलेंगे तो हो सकता है कि आपके ऊपर ग्रेनेड फेंका जाय , राहुल ने कहा फिर मैंने सोचा कि क्यों न मैं उन्हें एक मौका दूं कि मेरी सफेद शर्ट का रंग बदल सकें, उसे सफ़ेद से लाल कर कर सकें। लेकिन कश्मीर के लोगों ने मुझे ग्रेनेड नहीं प्यार दिया। राहुल ने कहा कि मेरे परिवार ने मुझे सिखाया है कि जीना है तो डरे बिना जीना है वरना नहीं जीना है।

आसान नहीं रही यात्रा

राहुल गाँधी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि जब मैंने यात्रा की बात सोची तो सोचा था कि काफी आसान होंगी क्योंकि मैं रोज़ आठ घंटे दौड़ता था, थोड़ा अहंकार आ गया लेकिन जब मैंने यात्रा शुरू की तो मेरे घुटने का पुराना दर्द उभर आया, सच कहूँ तो सारा घमंड चकनाचूर हो गया. लेकिन इस दर्द के साथ मैंने यात्रा को आगे जारी रखा. इसके बाद राहुल ने एक छोटी बच्ची का ज़िक्र करते हुए कहा कि वो मेरे पास आयी हुए एक पत्र मुझे पकड़ाकर यह कहकर भाग गयी कि आप इसे बाद में पढ़ना लेकिन मैंने उसे पढ़ा, उसमें लिखा था कि उसे मालूम है कि मेरे घुटने में दर्द है. उसने कहा कि मैं आपके साथ यात्रा में नहीं चल सकती लेकिन मेरा मन आपके साथ चल रहा है, मुझे मालूम है कि यह यात्रा आप अपने लिए नहीं हमारे लिए कर रहे हो. राहुल ने कहा कि इसके बाद उनका सारा दर्द गायब हो गया.

टी शर्ट पहनने का राज़ खोला

राहुल गाँधी ने आज इस बात का भी खुलासा किया कि उन्होंने टी शर्ट क्यों पहनी। राहुल ने बताया कि यात्रा के दौरान ही उन्हें दो बच्चे दिखाई दिए जो शायद भीख मांगते थे, उनके तन पर कपडे नहीं थे वो ठण्ड से कैंप रहे थे, मैंने उन्हें बुलाया, उन्हें गले लगाया। उस समय ही मेरे मन में आया कि जब ये बच्चे जैकेट नहीं पहन रहे हैं तो मुझे भी नहीं पहननी चाहिए। राहुल उन रोटी हुई महिलाओं की बात कही जो यात्रा के दौरान उनसे गले मिलकर रोइ थीं. राहुल ने बताया कि उनके रोने की वजह यह थी कि वो अपने साथ हुए बुरे सलूक की दर्दभरी कहानी बता रही थीं, राहुल ने कहा कि मैं पुलिस को इस बात की जानकारी दूँ कि तो उन्होने मना कर दिया और कहा कि इससे हमारी परेशानियां और भी बढ़ जाएँगी। राहुल ने कहा कि यही है आज की सच्चाई।

हिंसा का दर्द मोदी-शाह-डोवाल नहीं समझ सकते

राहुल इसी के साथ केंद्र की भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि जो लोग हिंसा करवाते हैं, जैसे कि पीएम मोदी, अमित शाह और अजित डोभाल, यह लोग उस दर्द को नहीं समझ सकते। मैं और मेरी बहन इस दर्द को समझते हैं, कश्मीर के हज़ारो लोग समझते हैं, सुरक्षा में जुड़े जवान समझते हैं. राहुल ने कहा कि पुलवामा में हमारे जो जवान शहीद हुए उस दर्द को प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह नहीं समझ सकते. राहुल ने कहा कि पुलवामा के शहीदों के घर जब फोन आया होगा तो उन्होंने कैसा महसूस किया होगा, राहुल ने कहा कि मेरे पास भी ऐसा ही फोन आया, मैं उन सबकी तकलीफ जानता हूँ जब इस तरह के फोन आने पर होती है. राहुल गाँधी ने भारत जोड़ो यात्रा का लक्ष्य बताते हुए कहा कि ये जो फोन कॉल है चाहे किसी के भी हो वो बंद हो जाए. मैं चाहता हूँ ऐसे फोन कॉल किसी बच्चे को, किसी मां को, किसी बाप को न उठाना पड़ा. राहुल ने कहा कि मेरा लक्ष्य इन फोन कॉल को बंद करने का है.

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