Hindenburg की रिपोर्ट से अडानी को हुआ भारी नुक्सान

फीचर्डHindenburg की रिपोर्ट से अडानी को हुआ भारी नुक्सान

Date:

एक रिसर्च फर्म की रिपोर्ट का असर यह हुआ कि चढ़ता हुआ भारतीय शेयर बाजार नीचे की तरफ जाने लगा है. रिपोर्ट आने के बाद पहले दिन अडानी ग्रुप को लगभग 50 हज़ार करोड़ रूपये का नुक्सान हुआ और 27 जनवरी को जब शेयर बाज़ार खुला तो अडानी ग्रुप के शेयरों में हाहाकार मचा हुआ था. टॉप लूज़र्स में अडानी पोर्ट और अडानी इंटरप्राइजेज का नाम है. फिलहाल शेयर बाजार की भारी गिरावट को ऑटो और हेल्थ सेक्टर संभाले हुए है.

जारी है बिकवाली

दरअसल अमेरिकी रिसर्च फर्म Hindenburg की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में हाहाकार मचा हुआ है. अडानी ग्रुप के शेयरों में चारों तरफ बिकवाली का माहौल है. अडानी ग्रीन एनर्जी का शेयर लुढ़क कर 52 वीक लो तक पहुंच गया. अडानी टोटल गैस में 16 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई है. अडानी पावर, अडानी विल्मर मेंलोअर सर्किट लग गया है. अब रिसर्च फर्म Hindenburg के खिलाफ अडानी ग्रुप ने कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है. कंपनी ने रिसर्च फर्म Hindenburg की रिपोर्ट को बकवास और दुर्भावना से ग्रसित बताया है. अडानी ग्रुप का कहना है कि यह कम्पनी को बदनाम करने की एक साज़िश है, रिपोर्ट गलत सूचनाओं पर बनाई गयी है और कंपनी से उसका सत्यापन भी नहीं कराया गया.

अडानी ग्रुप की कंपनियों को बताया ओवर वैल्यूज़

24 जनवरी को प्रकशित हुई फॉरेंसिक फाइनेशियल रिसर्च फर्म Hindenburg की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कम्पनी की लिस्टेड सात कंपनियां ओवर वैल्यूज़ पर हैं, इन सभी कंपनियों के बैंक लोन पर भी सवाल खड़े किये गए हैं जिसकी वजह से शेयर बाज़ार में बैंक इंडेक्स में भी काफी दबाव देखा जा रहा है. अपनी रिपोर्ट में Hindenburg ने अडानी ग्रुप से बहुत से सवाल किये गए हैं. रिपोर्ट आने से पहले तेज़ी पकडे हुए अडानी ग्रुप के शेयरों की रफ़्तार थम गयी और चारों तरफ बिकवाली का दौर शुरू हो गया. पहले ही दिन अडानी ग्रुप के नेटवर्थ में 50 हज़ार करोड़ रूपये की कमी हो गयी और आज उसके और बढ़ने की सम्भावना है.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related