मेरठ और पश्चिमी उप्र में लोग गर्मी से पसीना पसीना हो रहे हैं। एक ओर जहां तापमान तेजी से बढ़ रहा है। वहीं तेज धूप और उमस अब भी परेशान कर रही है। बढ़ती गर्मी के कारण अब मौसमी बीमारियां भी पैर पसारने लगी हैं। चिकित्सकों के यहां ओपीडी फुल हो रही है। जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज में सुबह से ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बच्चों और बुजुर्गों को मौसमी बीमारी अपनी जद में ले रही है। बारिश के लिए मौसम विभाग द्वारा की गई सभी भविष्यवाणियां पूरी तरह से बेकार साबित हुई हैं। मेरठ और आसपास के जिलों में इस बार बारिश ने मानसून के सीजन में धोखा दिया है। जिसके कारण मानसूनी सीजन में इस बार 55 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं आने वाले दिनों में भी मेरठ और पश्चिमी उप्र में बारिश होने की संभावना दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है। रविवार को मेरठ और आसपास के जिलों में तेज धूप के साथ दिन की शुरुआत हुई।
वहीं आसमान पूरी तरह से साफ नजर आया। जिससे सूरज की तेज धूप के बीच तापमान भी तेजी से बढ़ता हुआ 37 डिग्री के पार पहुंच गया। वहीं न्यूनत तापमान भी 26 डिग्री तक पहुंच चुका है। वायु गुणवत्ता भी 100 के आसपास टिकी हुई है। मेरठ में आर्द्रता का स्तर अधिकतम 89 है और न्यूनतम 58 पर है। हवा की रफ्तार मेरठ में इस समय 12 किमी प्रति घंटा है। रविवार से पहले मेरठ में गुरुवार को अधिकतम तापमान 37ः1 डिग्री तक पहुंच गया था। इस बार मई और जून जैसी गर्मी का अहसास सितंबर में हो रहा है। लोगों का कहना है कि सितंबर माह से मौसम में बदलाव शुरू हो जाता था। जिस कारण सितंबर में गर्मी पूरी तरह से गायब हो जाती है। लेकिन इस बार बारिश नहीं होने के कारण गर्मी के तेवर अभी मई और जून वाले ही बने हुए है। सितंबर के शुरूआती दिनों से ही गर्मी पूरे उफान पर है। शनिवार के बाद रविवार को भी तेज धूप के साथ दिन की शुरुआत हुई। इस बार सावन में बहुत कम बारिश हुई। भादो में लोगों को लगा था कि बारिश होगी। लेकिन इस बार भादो खत्म होने को है और दूर-दूर तक बारिश का नामोनिशान नहीं है।

